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आइसक्रीम अब सिर्फ स्वाद नहीं, प्रोटीन का भी जरिया! BHU की टीम ने किया कमाल

आइसक्रीम अब सिर्फ स्वाद नहीं, प्रोटीन का भी जरिया! BHU की टीम ने किया कमाल
हाई प्रोटीन और करक्यूमिन वाली आइसक्रीम तैयार, BHU के प्रोफेसर के नेतृत्व में रिसर्च टीम की बड़ी उपलब्धि

वाराणसी। आइसक्रीम को आमतौर पर स्वाद और मिठास से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन अब इसे प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट का बेहतर स्रोत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण शोध सामने आया है।

 

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के सीनियर प्रोफेसर और बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय के नेतृत्व में शोध टीम ने हाई प्रोटीन आइसक्रीम विकसित की है, जिसमें हल्दी के सक्रिय तत्व करक्यूमिन को सुरक्षित रूप से शामिल किया गया है।

 

यह शोध प्रतिष्ठित जर्नल ऑफ फूड प्रोसेस इंजीनियरिंग में प्रकाशित हुआ है। रिसर्च टीम में शिवांश सुमन, डॉ. सुनील मीणा और प्रो. राज कुमार दुआरी (बीएचयू), डॉ. शालिनी सिंह (बीएचयू एवं बांदा कृषि विश्वविद्यालय) और प्रिय ब्रत गौतम (राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान, करनाल) शामिल रहे।

 

आइसक्रीम में 54 प्रतिशत तक बढ़ाया प्रोटीन

शोध के दौरान व्हे प्रोटीन के साथ सोया और मटर प्रोटीन का इस्तेमाल किया गया। इससे आइसक्रीम में प्रोटीन की मात्रा को 54 प्रतिशत तक बढ़ाने में सफलता मिली। शोधकर्ताओं ने करक्यूमिन को प्रोटीन-कार्बोहाइड्रेट परत में सुरक्षित तरीके से समाहित किया।

रिसर्च के अनुसार, करक्यूमिन की इनकैप्सुलेशन दक्षता 90.92 से 97.23 प्रतिशत तक दर्ज की गई। पाचन परीक्षणों में भी करक्यूमिन के बेहतर अवशोषण की पुष्टि हुई।

फिटनेस और पोषण के लिहाज से अहम शोध

प्रो. दिनेश चंद्र राय ने शोध टीम की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि बड़ी संख्या में लोग, खासकर नियमित व्यायाम करने वाले, अधिक चीनी का सेवन किए बिना अपनी प्रोटीन जरूरत पूरी करने की कोशिश करते हैं।

ऐसे में आइसक्रीम जैसे लोकप्रिय खाद्य पदार्थ को वैज्ञानिक तरीके से तैयार कर उसमें प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्व शामिल करना महत्वपूर्ण हो सकता है।

डेयरी और फूड इंडस्ट्री को मिल सकता है फायदा

प्रो. राय के अनुसार, यह उपलब्धि शोध टीम की मेहनत और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह रिसर्च पोषण विज्ञान के साथ-साथ डेयरी और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए भी नए अवसर पैदा कर सकती है।

इससे स्थानीय किसानों और खाद्य क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों को भी नए उत्पाद और कारोबार विकसित करने का अवसर मिल सकता है। रिसर्च की उपलब्धि पर विश्वविद्यालय समुदाय ने प्रो. दिनेश चंद्र राय और पूरी शोध टीम को बधाई दी है। 

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