वाराणसी में कोरोना बंदिशों के बीच होगा गंगा स्नान, श्रद्धालुओं को डुबकी लगाने के बाद तत्काल छोड़ना होगा घाट
वाराणसी में कोरोना बंदिशों के बीच होगा गंगा स्नान, श्रद्धालुओं को डुबकी लगाने के बाद तत्काल छोड़ना होगा घाट

वाराणसी। मकर संक्रांति पर गंगा स्नान कोरोना बंदिशों के बीच होगा। श्रद्धालुओं को गंगा के घाटों पर रूकने नहीं दिया जाएगा। डुबकी लगाने के साथ ही उन्हें घाट छोड़ना होगा। श्रद्धालु मास्क लगा कर ही घाट पर जा सकेंगे और शारीरिक दूरी का भी पालन करना होगा। जिला प्रशासन की ओर से इसके लिए अलग से कोई अलग से दिशा-निर्देश तो नहीं जारी किया गया है, लेकिन जारी दिशा-निर्देशों के पालन को लेकर दृढ़ता भी जताई है।

मकर संक्रांति 14 जनवरी का रात 8.49 बजे लग रही है। उदया तिथि के अनुसार 15 जनवरी को पर्व मनाया जाएगा। इस दिन ही स्ना-दान व खानपान के विधान भी पूरे किए जाएंगे। वैसे भी शाम चार बजे से सुबह छह बजे तक घाटों पर प्रवेश प्रतिबंधित है। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के अनुसार धार्मिक अनुष्ठानों पर किसी तरह की रोक नहीं है, लेकिन कोरोना संबंधित दिशा निर्देशों का पालन हर हाल में पालन करना ही होगा।

काशी विश्वनाथ धाम में लगाई गई बैरिकेडिंग

पर्व विशेष पर स्नान ध्यान के बाद श्रद्धालु श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने जाते हैं। नए वर्ष के पहले दो दिनों में उमड़ी भीड़ को लेकर मंदिर प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। मंदिर चौक में स्टील की पाइपों से बैरिकेडिंग कर ली गई है तो इसे विस्तार देने पर भी विचार किया जा रहा है ताकि शारीरिक दूरी का पालन करते हुए श्रद्धालु झांकी दर्शन कर सकें। सरस्वती फाटक द्वार से लगे यात्री सुविधा केंद्र के भूतल पर पहले से ही स्टील की पाइपों से स्थायी जिगजैग लगाया गया है। पर्व विशेष पर कतार इस ओर से भी मुख्य परिसर में दर्शन पूजन के लिए जाएगी। मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा के अनुसार श्रद्धालुओं को मास्क लगा कर आना होगा।

माघ स्नान का हो जाएगा ट्रायल

मकर संक्रांति के दो दिन बाद ही पौष पूर्णिमा पड़ रही है। इसके साथ ही माघ पर्यंत नैत्यिक स्नान का विधान शुरू हो जाएगा। इस दौरान मौनी अमावस्या, वसंत पंचमी माघ पूर्णिमा और इसके बाद महाशिवरात्रि का स्नान पड़ेगा। माना जा रहा है मकर संक्रांति पर प्रशासन माघी स्नान का ट्रायल भी कर लेगा।

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