भूत-प्रेत के साये से लेकर तांत्रिक की हत्या तक, छह आरोपियों ने रची खौफनाक साजिश
वाराणसी। भूत-प्रेत के साये और अवैध संबंध के शक में एक तांत्रिक की हत्या किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने तंत्र-मंत्र के बहाने तांत्रिक को घर बुलाया और कमरे में तेज आवाज में भक्ति संगीत बजाकर उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने शव को नेशनल हाईवे के किनारे झाड़ियों में फेंक दिया। मामले की जांच के बाद वाराणसी पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को संदेह था कि उनके घर के सदस्यों की लगातार तबीयत खराब होने के पीछे भूत-प्रेत का साया है। इसी वजह से उन्होंने तांत्रिक को पूजा-पाठ और तंत्र-मंत्र के लिए घर बुलाया था। आरोप है कि बाद में परिवार की एक महिला से तांत्रिक के कथित अवैध संबंध होने का शक भी आरोपियों को हो गया। इसी शक ने पूरे मामले को गंभीर अपराध में बदल दिया।
बताया जा रहा है कि आरोपियों ने अपने एक दोस्त पर भूत-प्रेत का साया होने की बात कहकर तांत्रिक को दोबारा उसके घर बुलाया। तंत्र-मंत्र के लिए रात का समय तय किया गया। आरोप है कि तांत्रिक के घर पहुंचने के बाद उसे एक कमरे में ले जाया गया और वहां साउंड बॉक्स में तेज आवाज में भक्ति संगीत बजाया गया, ताकि बाहर किसी को मारपीट की आवाज सुनाई न दे। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर तांत्रिक की जमकर पिटाई की। गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपी शव को ठिकाने लगाने के लिए नेशनल हाईवे के किनारे झाड़ियों में फेंककर फरार हो गए। शव बरामद होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब घटना में शामिल अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

अंधविश्वास से बचने की जरूरत
यह मामला एक बार फिर अंधविश्वास के गंभीर परिणामों की ओर इशारा करता है। किसी व्यक्ति की तबीयत लगातार खराब हो रही है तो उसका इलाज योग्य चिकित्सक से कराना चाहिए। बीमारी को भूत-प्रेत या तंत्र-मंत्र से जोड़कर झाड़-फूंक और अंधविश्वास के चक्कर में पड़ना खतरनाक साबित हो सकता है।
साथ ही, किसी भी व्यक्ति पर केवल शक के आधार पर कानून हाथ में लेना गंभीर अपराध है। किसी व्यक्ति के चरित्र, संबंध या गतिविधियों को लेकर संदेह होने पर खुद कार्रवाई करने के बजाय पुलिस और कानून की मदद लेनी चाहिए। यह घटना बताती है कि अंधविश्वास, शक और गुस्से का खतरनाक मेल किसी की जान तक ले सकता है।
