काशी में फिर बाढ़ का खतरा! गंगा चेतावनी बिंदु के पार, तेजी से बढ़ रहा पानी
वाराणसी। गंगा के जलस्तर में एक बार फिर तेजी से बढ़ोतरी शुरू हो गई है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) के राजघाट स्थित गेज स्थल पर गुरुवार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 70.56 मीटर दर्ज किया गया। यह चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर से 29.8 सेंटीमीटर ऊपर है। जलस्तर फिलहाल करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है।
केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में करीब 28 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। बुधवार सुबह की तुलना में गुरुवार सुबह नदी के जलस्तर में आया यह उछाल तटवर्ती इलाकों के लिए चिंता बढ़ाने वाला है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाटों और निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
इधर, गुरुवार सुबह आठ बजे तक वाराणसी में 28.2 मिलीमीटर बारिश भी दर्ज की गई। बारिश और गंगा के बढ़ते जलस्तर ने तटीय क्षेत्रों में सतर्कता और बढ़ा दी है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को भी लगातार बदल रही स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।

खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर नीचे
गंगा का जलस्तर अब खतरे के निशान 71.262 मीटर से महज 70.2 सेंटीमीटर नीचे रह गया है। हालांकि नदी अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही है, लेकिन जिस गति से जलस्तर बढ़ रहा है, उससे प्रशासन की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। आने वाले घंटों में बारिश और नदी के प्रवाह की स्थिति जलस्तर की आगे की दिशा तय करेगी।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक वाराणसी में गंगा का उच्चतम बाढ़ स्तर (H.F.L.) 73.901 मीटर है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए घाटों, तटवर्ती बस्तियों और निचले इलाकों में विशेष सतर्कता जरूरी हो गई है। प्रशासन और संबंधित विभाग नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
