वाराणसी में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, नौकरी के नाम पर 250 से ज्यादा युवक बनाए गए बंधक
वाराणसी। सारनाथ थाना क्षेत्र के नई बाजार इलाके में साइबर पुलिस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। पुलिस ने मंगलवार को एक कथित फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर वहां से 250 से अधिक युवकों को मुक्त कराया, जिन्हें नौकरी और मोटी सैलरी का झांसा देकर बुलाया गया था।
बताया जा रहा है कि ये युवक पूर्वांचल और बिहार के अलग-अलग जिलों से वाराणसी आए थे। आरोप है कि कॉल सेंटर संचालक युवाओं से रजिस्ट्रेशन और ट्रेनिंग के नाम पर करीब 30-30 हजार रुपये वसूलते थे। इसके बाद उन्हें मल्टीलेवल मार्केटिंग और फर्जी नेटवर्किंग के जरिए दूसरे लोगों को जोड़ने का दबाव बनाया जाता था।
पुलिस के अनुसार सेंटर में काम करने वाले युवाओं को बाहरी लोगों से बातचीत करने और सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की जानकारी साझा करने से मना किया गया था। कई युवाओं ने बताया कि उन्हें आयुर्वेदिक दवाओं की मार्केटिंग के नाम पर बुलाया गया, लेकिन वहां ऐसा कोई काम नहीं कराया जाता था।
स्थानीय लोगों को जब गतिविधियां संदिग्ध लगीं तो उन्होंने इसकी सूचना साइबर पुलिस को दी। इसके बाद साइबर पुलिस और सारनाथ थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मौके से कंप्यूटर, मोबाइल फोन, दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए।
एसीपी साइबर विदुष सक्सेना ने बताया कि शुरुआती जांच में यह पूरा मामला नौकरी के नाम पर ठगी और युवाओं को बंधक बनाकर रखने से जुड़ा पाया गया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
पुलिस का कहना है कि पिछले दो महीनों से यह गिरोह सक्रिय था और कई युवाओं को अपने जाल में फंसा चुका था। फिलहाल सभी पीड़ित युवाओं के बयान दर्ज किए जा रहे हैं तथा पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।
