BHU में एआई से जांची जाएंगी परीक्षा की कॉपियां, मूल्यांकन प्रक्रिया होगी तेज और पारदर्शी
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में परीक्षा मूल्यांकन व्यवस्था को आधुनिक और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। विश्वविद्यालय में अब छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत उत्तर पुस्तिकाओं की जांच डिजिटल माध्यम से एआई और मैनुअल दोनों तरीकों से होगी। इससे मूल्यांकन प्रक्रिया में तेजी आने के साथ ही गलतियों की संभावना कम करने और पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
विश्वविद्यालय की योजना के अनुसार, एआई आधारित मूल्यांकन के बाद उत्तर पुस्तिकाओं की मैनुअल जांच भी की जाएगी, ताकि अंकों की शुद्धता सुनिश्चित की जा सके। इस व्यवस्था को बीएचयू के सभी संकायों और संस्थानों में लागू करने की तैयारी है।
1.75 करोड़ रुपये से खरीदे जाएंगे आधुनिक उपकरण
जानकारी के मुताबिक, बीएचयू के परीक्षा नियंत्रक कार्यालय की ओर से नई डिजिटल मूल्यांकन व्यवस्था के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस परियोजना पर करीब 1.75 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
इससे पहले विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज में पिछले सेमेस्टर से डिजिटल उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की व्यवस्था लागू की गई थी। वहां मिले बेहतर परिणामों के बाद अब इसे विश्वविद्यालय के अन्य संस्थानों और संकायों तक विस्तार देने की योजना बनाई गई है।
नई व्यवस्था के तहत 40 पन्नों की विशेष उत्तर पुस्तिकाएं तैयार की जाएंगी। इनमें बारकोड, क्यूआर कोड और ओएमआर जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल होगा। उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग ओवरहेड स्कैनर के माध्यम से बिना सिलाई या बाइंडिंग काटे की जाएगी। इससे कॉपियों के पन्ने फटने, क्षतिग्रस्त होने या गुम होने की आशंका कम होगी।
मूल्यांकन के बाद सिस्टम तैयार करेगा अंकतालिका
विश्वविद्यालय के मुताबिक, डिजिटल मूल्यांकन के दौरान परीक्षार्थियों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। मूल्यांकन पूरा होने के बाद सिस्टम स्वतः अंकतालिका और सारांश तैयार करेगा। इससे परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
परिणाम जारी होने के बाद विद्यार्थी स्टूडेंट पोर्टल के माध्यम से अपनी जांची गई उत्तर पुस्तिकाएं और प्राप्त अंक देख सकेंगे। यदि किसी छात्र को मूल्यांकन में त्रुटि या अंकों को लेकर असंतोष होता है, तो उसे परिणाम घोषित होने के सात दिनों के भीतर समीक्षा अथवा पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने का अवसर दिया जाएगा।
बीएचयू की इस पहल से परीक्षा मूल्यांकन व्यवस्था को अधिक तकनीक आधारित, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की उम्मीद है।
