वाराणसी। काशी के प्रमुख व्यापारिक केंद्र दालमंडी के कायाकल्प की दिशा में रविवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। चौड़ीकरण परियोजना के तहत सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन के साथ विधिवत शुभारंभ हुआ। दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं पूर्व मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने वैदिक विधि-विधान से भूमि पूजन किया। इसके बाद उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से कुल्हाड़ी चलाकर निर्माण कार्य की शुरुआत की।
कार्यक्रम के दौरान दालमंडी की सड़क पर पहली बार गणेश वंदना का आयोजन भी हुआ। इस दौरान धार्मिक जयकारों से माहौल भक्तिमय रहा। कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
25 करोड़ से बनेगी आधुनिक सड़क
दालमंडी चौड़ीकरण की 215 करोड़ रुपये की परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त 2025 में किया था। परियोजना के तहत करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से 650 मीटर लंबी और 17.5 मीटर चौड़ी आधुनिक सड़क का निर्माण कराया जाएगा। सड़क के दोनों ओर पाथ-वे विकसित किए जाएंगे।
चौड़ीकरण के लिए अब तक 181 मकानों और छह धार्मिक स्थलों को हटाने की कार्रवाई पूरी की जा चुकी है। अधिकारियों के अनुसार संबंधित भवन स्वामियों को करीब 109 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है।
भूमिगत होंगी सुविधाओं की लाइनें
नई सड़क को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। सीवर, पेयजल, ड्रेनेज और वाई-फाई समेत अन्य सेवाओं की लाइनें भूमिगत रखी जाएंगी। इससे सड़क के ऊपर फैले बिजली और अन्य तारों के जाल से भी निजात मिलने की उम्मीद है। भूमिगत नेटवर्क तैयार होने से भविष्य में विभिन्न सुविधाओं के लिए बार-बार सड़क की खुदाई करने की जरूरत भी कम होगी।
सड़क के दोनों ओर पाथ-वे के साथ हरियाली और अन्य नागरिक सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा। इससे दालमंडी क्षेत्र में पैदल आवागमन के साथ यातायात व्यवस्था को भी बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
नवंबर 2026 तक काम पूरा करने का लक्ष्य
अधिकारियों ने सड़क निर्माण कार्य को नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। निर्माण पूरा होने के बाद दालमंडी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सुगम होने के साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
लंबे समय से चौड़ीकरण की प्रक्रिया से गुजर रहे दालमंडी क्षेत्र में निर्माण कार्य शुरू होने से व्यापारियों और स्थानीय लोगों में उत्साह है। परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र का स्वरूप अधिक व्यवस्थित और आधुनिक होने की उम्मीद है।
