SIR को लेकर गरमाई सियासत, मुख्य चुनाव आयुक्त की बर्खास्तगी की मांग! डीएम को सौंपा ज्ञापन...
वाराणसी। नेशनल इक्वल पार्टी और समाजवादी पार्टी के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी की मांग को लेकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में सौंपा गया। पार्टी पदाधिकारियों ने निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर आपत्ति जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
नेशनल इक्वल पार्टी के संयोजक शशि प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल और बिहार में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ छेड़छाड़ कर एकतरफा चुनाव कराने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

पार्टी के महासचिव एवं प्रवक्ता प्रकाश जायसवाल ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर विपक्ष से जुड़े मतदाताओं के नाम काटने का प्रयास किया जा रहा है। जायसवाल ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आयोग को राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाया।

शशि प्रताप सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी समाजवादी विचारधारा से जुड़े लोगों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक अधिकारों और मताधिकार की रक्षा के लिए आवाज उठाती रहेगी।
ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच कराने और उन्हें पद से हटाने की मांग की गई। ज्ञापन सौंपने के दौरान दोनों दलों से जुड़े कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को देश के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में पदभार ग्रहण किया था। निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी दलों की ओर से हाल के दिनों में भी चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध और सवाल उठाए गए हैं, जबकि निर्वाचन आयोग और भाजपा ने ऐसे आरोपों से इनकार किया है।
