चक्रवात ‘अर्नब’ के असर की आशंका, धान की कटाई और भंडारण को लेकर बढ़ी सतर्कता
वाराणसी। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर पूर्वांचल में भी दिखाई देने की आशंका है। मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए वाराणसी समेत आसपास के जिलों में प्रशासन और कृषि विभाग सतर्क हो गए हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 28 से 31 अक्टूबर के बीच कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। इसे देखते हुए किसानों को अपनी फसलों और कृषि उपज की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
मौसम के पूर्वानुमान के मुताबिक, 28 अक्टूबर को वाराणसी, चंदौली, सोनभद्र, मिर्जापुर, भदोही, गाजीपुर और बलिया में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 29 अक्टूबर को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की आशंका के मद्देनजर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
मौसम में बदलाव का असर पूर्वांचल के जनजीवन के साथ खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है। बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से खेतों में खड़ी फसल तथा कटाई के बाद खुले में रखी कृषि उपज को नुकसान होने की आशंका है।
धान की फसल को सुरक्षित रखने की चुनौती
वाराणसी जिले में 40 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में धान की खेती की गई है। इनमें से अधिकांश फसल की कटाई हो चुकी है और किसानों ने धान को खेतों या खुले स्थानों पर इकट्ठा कर रखा है। ऐसे में बारिश होने पर धान भीगने और गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है।
जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह ने किसानों को सलाह दी है कि खुले में रखे धान को तिरपाल से अच्छी तरह ढककर सुरक्षित स्थान पर रखें। मौसम को देखते हुए खेतों में सरसों और मटर की बुवाई संभव हो तो दो से तीन दिनों के लिए टाल दें, ताकि बारिश के कारण बीज और फसल प्रभावित होने की आशंका कम की जा सके।
फसल नुकसान पर 72 घंटे के भीतर करें शिकायत
कृषि विभाग ने किसानों को फसल बीमा से संबंधित प्रक्रिया की जानकारी भी दी है। बारिश से कटाई के बाद खुले में रखे बीमित धान को नुकसान होने पर किसान टोल फ्री नंबर 14447 पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर देना जरूरी है। इसके अतिरिक्त किसान विकास भवन स्थित कृषि विभाग के कार्यालय, कमरा नंबर 402 में भी आवेदन कर सकते हैं।
आम लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह
संभावित आंधी, बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों से दूर रहें। आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों और जलाशयों के आसपास जाने से बचें। किसानों को पशुधन को सुरक्षित स्थानों पर रखने तथा कृषि उपज को बारिश से बचाने के लिए पहले से तैयारी करने की जरूरत है।
मौसम की स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में किसानों के लिए सतर्कता बेहद जरूरी होगी, ताकि बेमौसम बारिश से होने वाले संभावित नुकसान को कम किया जा सके।
