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बाबा काल भैरव की आरती में शामिल हुए सीएम योगी, बाबा विश्वनाथ का किया जलाभिषेक

बाबा काल भैरव की आरती में शामिल हुए सीएम योगी, बाबा विश्वनाथ का किया जलाभिषेक

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अपने वाराणसी दौरे के दौरान काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया। मुख्यमंत्री ने बाबा काल भैरव की आरती में भाग लिया और बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की। इस दौरान धार्मिक आस्था के साथ उनका सहज और आत्मीय अंदाज भी देखने को मिला।

बाबा काल भैरव की आरती में शामिल हुए सीएम योगी, बाबा विश्वनाथ का किया जलाभिषेक

बाबा काल भैरव मंदिर में की आरती

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबसे पहले बाबा काल भैरव मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया और आरती में शामिल हुए। मंदिर परिसर में उन्होंने मौजूद बच्चों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट दी और उनकी पढ़ाई-लिखाई के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री के साथ बच्चों की यह सहज मुलाकात चर्चा का विषय रही।

बाबा काल भैरव की आरती में शामिल हुए सीएम योगी, बाबा विश्वनाथ का किया जलाभिषेक

बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक कर की लोककल्याण की कामना

बाबा काल भैरव के दर्शन के बाद मुख्यमंत्री श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने गर्भगृह में बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया और विधि-विधान से षोडशोपचार पूजन संपन्न किया। उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री का यह दौरा काशी की प्राचीन धार्मिक परंपराओं और आध्यात्मिक विरासत के प्रति उनकी आस्था को दर्शाता रहा।

जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी

मुख्यमंत्री के दर्शन-पूजन के दौरान वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव और विधायक सुनील पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री के काशी दौरे में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ बच्चों से आत्मीय संवाद भी प्रमुख रूप से सामने आया। बाबा काल भैरव और बाबा विश्वनाथ के दरबार में उनकी उपस्थिति के दौरान मंदिरों में दर्शन-पूजन और आध्यात्मिक परंपराओं का माहौल रहा।

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