फर्जी लोन मामले में बैंक कर्मियों समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज, न्यायालय के आदेश पर चोलापुर पुलिस की कार्रवाई
वाराणसी। चोलापुर थाना क्षेत्र स्थित जना स्मॉल फाइनेंस बैंक की हथियर कला शाखा में महिला के आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों के कथित दुरुपयोग कर उसके नाम पर ऋण लिए जाने के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
आरोप है कि बैंक स्तर पर ऋण प्रक्रिया में अनियमितता बरती गई और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर लोन स्वीकृत किया गया। मामले में पीड़िता की शिकायत और न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बताया गया कि ललिता के आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेजों का कथित रूप से दुरुपयोग कर उनके नाम पर ऋण लिए जाने की जानकारी सामने आने के बाद उन्होंने बैंक और पुलिस अधिकारियों से लगातार शिकायत की थी।
कार्रवाई न होने पर पीड़िता ने प्रबुद्धजन काशी न्यास के अध्यक्ष डॉ. संजय सिंह गौतम से संपर्क किया। डॉ. गौतम ने संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

मामले की जांच के दौरान बैंक स्तर पर ऋण प्रक्रिया में भी कथित अनियमितताओं के तथ्य सामने आने की बात कही गई। इसके बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं होने पर पीड़िता ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 173(4) के तहत न्यायालय की शरण ली। मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता सतीश तिवारी ने पैरवी की। न्यायालय ने पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया।
न्यायालय के आदेश के अनुपालन में विलंब होने पर थाना प्रभारी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया। इसके बाद 19 अगस्त 2026 को थाना चोलापुर में अपराध संख्या 338/2026 दर्ज किया गया।
पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 352 और 351(2) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम की धारा 3(2)(v) लगाई गई हैं। मामले में बैंक कर्मियों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ आरोपों की जांच की जाएगी।
प्रबुद्धजन काशी न्यास के अध्यक्ष डॉ. संजय सिंह गौतम ने कहा कि मुकदमा दर्ज होना न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच करेगी तथा जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर प्रकरण की विवेचना शुरू कर दी है। जांच के दौरान ऋण प्रक्रिया, दस्तावेजों के इस्तेमाल और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।
