BHU की बड़ी पहल: अब सभी विद्यार्थियों को मिलेगा आधिकारिक ई-मेल आईडी, संवाद होगा और मजबूत
वाराणसी, 08 अप्रैल 2026। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ने अपने विद्यार्थियों के लिए एक और बड़ी डिजिटल पहल करते हुए सभी छात्रों को विश्वविद्यालय के आधिकारिक डोमेन पर ई-मेल आईडी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इस कदम का उद्देश्य परिसर में संवाद व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है।
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा शुरू की जा रही इस नई व्यवस्था के तहत अब हर छात्र को bhu.ac.in डोमेन पर व्यक्तिगत ई-मेल आईडी प्रदान की जाएगी। अब तक यह सुविधा केवल शिक्षकों, कर्मचारियों और पीएचडी शोधार्थियों तक सीमित थी, लेकिन अब इसे औपचारिक रूप से सभी विद्यार्थियों के लिए लागू किया जा रहा है। इस पहल से लगभग 18 से 20 हजार छात्र-छात्राएं लाभान्वित होंगे।

डिजिटल पहचान और बेहतर संवाद का माध्यम
यह आधिकारिक ई-मेल आईडी विद्यार्थियों को एक विश्वसनीय डिजिटल पहचान प्रदान करेगी। इसके जरिए विश्वविद्यालय स्नातक, परास्नातक, विज्ञान, कला और अन्य संकायों के आधार पर ई-मेल समूह बनाकर विषय-विशेष और लक्षित संवाद स्थापित कर सकेगा। इससे सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान संभव होगा और छात्रों तक जरूरी जानकारी सीधे पहुंचाई जा सकेगी।

बिना कार्यालय गए होगा समाधान
नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थी अब विभागाध्यक्ष, संकाय प्रमुख या परीक्षा नियंत्रक कार्यालय से जुड़े अपने सवालों का समाधान बिना भौतिक रूप से उपस्थित हुए ई-मेल के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे। इससे समय की बचत के साथ पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
कुलपति ने बताया अहम कदम
कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने इस पहल को विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय के बीच संबंधों को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे छात्र विश्वविद्यालय की नीतियों और सूचनाओं के प्रति अधिक जागरूक होंगे, वहीं शिक्षक भी छात्रों की समस्याओं को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे।

तकनीकी व्यवस्था और सुरक्षा पर जोर
कंप्यूटर सेंटर के समन्वयक प्रो. राजेश कुमार के अनुसार, बीएचयू देश के चुनिंदा केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शामिल हो गया है, जो अपने सभी विद्यार्थियों को यह सुविधा दे रहा है। ई-मेल आईडी छात्रों के समर्थ पोर्टल के डेटा के आधार पर बनाई जाएगी और इसकी तकनीकी निगरानी कंप्यूटर सेंटर द्वारा की जाएगी।
इसके लिए विश्वविद्यालय ने अतिरिक्त गूगल वर्कस्पेस लाइसेंस और क्लाउड स्टोरेज की भी व्यवस्था की है, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर स्पैम सुरक्षा और उन्नत डिजिटल सेवाएं मिल सकेंगी।
संवाद होगा और अधिक प्रभावी
इस पहल से छात्रों, शिक्षकों और प्रशासन के बीच संवाद पहले से अधिक तेज, सुरक्षित और व्यवस्थित होने की उम्मीद है। साथ ही, संस्थान में जवाबदेही और पारदर्शिता को भी बढ़ावा मिलेगा।
