BHU और विद्यापीठ के छात्र बने लुटेरे, आईफोन और सोने की चेन के लिए लूटे 1.34 लाख
वाराणसी। देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों बीएचयू और काशी विद्यापीठ में पढ़ने वाले कुछ छात्रों की जल्द अमीर बनने की चाहत उन्हें सीधे जेल तक पहुंचा गई। आईफोन, सोने की चेन और लग्जरी लाइफस्टाइल के शौक ने इन युवाओं को अपराध की दुनिया में धकेल दिया। मुगलसराय पुलिस ने पड़ाव-भोजपुर मार्ग पर मुनीम से 1.34 लाख रुपये की लूट का सनसनीखेज खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों में आर्यन श्रीवास्तव, शिवांग पाण्डेय, मोहम्मद तारिक अंसारी और देव सरकार शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक इनमें से तीन आरोपी स्नातक प्रथम वर्ष के छात्र हैं। आर्यन काशी विद्यापीठ में बीएससी प्रथम वर्ष, शिवांग बीएचयू में बीए प्रथम वर्ष और मोहम्मद तारिक काशी विद्यापीठ में बीए प्रथम वर्ष का छात्र है। वहीं देव सरकार पहले बंगाली टोला विद्यालय में पढ़ता था और फिलहाल घाट पर दुकान लगाता है।
70 CCTV कैमरों की मदद से खुला राज
अपर पुलिस अधीक्षक अनंत चंद्रशेखर ने बताया कि 21 मई को ऑयल कंपनी के मुनीम महताब अहमद तगादा वसूली कर लौट रहे थे। तभी चौरहट के पास दो बाइक से आए बदमाशों ने उन्हें टक्कर मारकर गिरा दिया और 1.34 लाख रुपये से भरा बैग लूटकर फरार हो गए।
घटना के खुलासे के लिए पुलिस, एसओजी, सर्विलांस और साइबर सेल की टीमों ने करीब 25 किलोमीटर के दायरे में लगे 70 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। मोबाइल लोकेशन और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने चौरहट स्थित ओपी गार्डेन के सामने घेराबंदी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
अंदरूनी सूचना से रची गई थी पूरी साजिश
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका साथी आकाश यादव वसूली का काम करता था और उसे पता था कि एक कंपनी का मुनीम हर गुरुवार को बड़ी रकम लेकर पड़ाव क्षेत्र में आता है। इसी सूचना के आधार पर हरीश पाण्डेय समेत अन्य युवकों ने मिलकर लूट की योजना बनाई।
आरोपियों ने पहले मुनीम की रेकी की और फिर मौका देखकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक लूट की रकम छह लोगों में बांटी गई थी और कुछ पैसे खर्च भी कर दिए गए थे।
पुलिस ने बरामद किए नकदी, बाइक और मोबाइल
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 60 हजार रुपये नकद, घटना में प्रयुक्त दो बाइक, चार मोबाइल फोन और लूटा गया बैग बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपी देव सरकार के खिलाफ पहले से मारपीट और धमकी का मामला दर्ज बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार आरोपी एक और लूट की वारदात की तैयारी में थे, लेकिन उससे पहले ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल फरार आरोपी आकाश यादव और हरीश पाण्डेय की तलाश में दबिश दी जा रही है।
पढ़ाई छोड़ अपराध की राह पर बढ़ते युवा चिंता का विषय
इस घटना ने समाज और शिक्षा जगत दोनों को झकझोर दिया है। प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों का इस तरह अपराध में शामिल होना युवाओं में बढ़ती भौतिक लालसा और सोशल मीडिया प्रभावित जीवनशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
