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Ayodhya News: बाजे अवध में बधाई जन्म ले ले रघुराई कथा व्यास पूज्य अमृतेश्वर आनंद जी महाराज

Ayodhya News: बाजे अवध में बधाई जन्म ले ले रघुराई कथा व्यास पूज्य अमृतेश्वर आनंद जी महाराज

Ayodhya News: बाजे अवध में बधाई जन्म ले ले रघुराई कथा व्यास पूज्य अमृतेश्वर आनंद जी महाराज

आज संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा समन्वित श्री रामोत्सव कार्यक्रम में श्री राम कथा पार्क श्री धाम अयोध्या जी में कथा व्यास पूज्य अमरेश्वरानंद जी महाराज श्री धाम अयोध्या जी ने मंगलाचरण और वंदना करते हुए श्री राम जी और माता जानकी के प्राकट्य का सरस और मार्मिक विश्लेषणात्मक वर्णन किया।

महाराज मनु जी के जीवन में वो समस्त उपलब्धियां प्राप्त थीं जिसके लिए मानव समग्र ऊर्जा लगा देता है।पुत्र उत्तानपाद, प्रियव्रत,पुत्रियां आकूति,देवहूति,प्रसूति पौत्र श्री ध्रुव जी,मंझली बेटी देवहूति और ऋषि श्रेष्ठ कर्दम जी अंश से साक्षात् भगवान कपिल और इंद्र कुबेर से भी उत्कृष्ठ ऐश्वर्य तथा वैभव।


फिर राम जी को पुत्र रूप में क्यों मांगा?क्योंकि राम जी निर्देशन पर मानव मात्र के लिए जो आदर्श आचार संहिता के रूप में मनु स्मृति की रचना की थी उसको अक्षरशः पालन करने वाले मर्यादा पुरुषोत्तम की आवश्यकता थी जनकपुर के बारे में गोस्वामी जी लिखते हैं कि पुर नर नारी सुभग शुचि संता धर्मशील ज्ञानी गुणवंता।

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जहां षड विकार न होकर सभी लोगों में छः गुण ही हों,वहां अकाल क्यों क्योंकि तबतक वहां भक्ति का पदार्पण नहीं हुआ था।इसी लिए महाराज जनक जी ने अपनी महारानी के साथ सोम हल चलाया जिससे माता सीता का प्राकट्य हुआ बाजे अवध में बधाई, जनम लेहले रघुराई लेन बधाई चलो आली,जनक जी के प्रगट भई लाली।


रानिन्ह में महारानी हमार सिया।आदि भजनों से सुधी श्रोतागण भाव विभोर हो गए।*कथा का शुभारंभ कटरा कुटी धाम के महंत संत चिन्मयानंद जी महाराज के कर कमलों से हुआ और समापन आरती वशिष्ठ पीठाधीश्वर अनंत श्री विभूषित श्री गिरीश पति त्रिपाठी जी महापौर श्री अयोध्या धाम के सानिध्य में सुसंपन्न हुई।


इस अवसर पर बहुत बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रोतागण जिनमें मुख्य रूप से भाजपा जिला अध्यक्ष गोंडा पूर्व प्रमुख श्री राम अकबाल तिवारी जी, श्री रमाकांत द्विवेदीजी,श्री विनय पांडेय जी,श्री भोला शंकर शुक्ल जी,श्री बंगाली दूबे जी,श्री अरूण सिंह जी और इनके साथ आए सैकड़ों महानुभावों ने कथा का रसास्वादन किया।


कार्यक्रम का सफल संयोजन और संचालन श्री मानस तिवारी जी के द्वारा संपादित हुआ।

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