आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने किया विरोध प्रदर्शन, वेतन वृद्धि और पेंशन की मांग
वाराणसी। उत्तर प्रदेश आंगनबाड़ी कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन की वाराणसी शाखा के तहत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने अपने अधिकारों और मांगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष बाबूलाल मौर्य और संचालन जिलामंत्री गीता सिंह ने किया।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने सरकार पर आरोप लगाया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को उनके द्वारा किए जा रहे कार्य के अनुपात में बहुत कम वेतन मिलता है। उन्होंने कहा कि जबकि नए एजुकेटर को उच्च वेतन और सुविधाएं मिल रही हैं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सिर्फ ₹6000 प्रतिमाह दिया जा रहा है। यह उस स्थिति में है जब वे प्री-स्कूल शिक्षा के अलावा कई अन्य विभागीय और गैर-विभागीय कार्यों को भी पूरा कर रही हैं।
मुख्य अतिथि अंजनी मौर्य और लीला सिंह ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के साथ अन्याय हो रहा है क्योंकि उन्हें कम वेतन दिया जा रहा है, जबकि सरकार उन्हें कई अतिरिक्त काम सौंपती है।
मुख्य वक्ता बाबूलाल मौर्य ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सेवानिवृत्ति के बाद बिना पेंशन और एकमुश्त धनराशि के छोड़ दिया जाता है, जो उनके साथ धोखा है। कोविड-19 महामारी के दौरान, वे अपनी जान जोखिम में डालकर सेवा कार्य करती रहीं, फिर भी उन्हें उचित सम्मान और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को वेतन में वृद्धि, पीएफ और ईएसआई की सुविधा मिले। साथ ही, उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को शासकीय कर्मचारी घोषित करने की मांग की।
धरने के दौरान संगीता कुशवाहा, शैल सिंह, गीता सिंह, पूजा सिंह समेत अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए। धरने में बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कर्मचारी और पदाधिकारी शामिल हुए।