समाजसेवा के क्षेत्र में अंबरीश सिंह भोला को मिला काशी का प्रतिष्ठित सम्मान, 'कीर्ति अलंकरण' से हुए सम्मानित
वाराणसी। धर्म, संस्कृति, अध्यात्म और गौरवशाली परंपराओं की नगरी काशी में समाजसेवा एवं लोकहित के कार्यों में उल्लेखनीय योगदान के लिए अंबरीश सिंह भोला को प्रतिष्ठित 'काशीराज स्व. डॉ. विभूतिनारायण सिंह कीर्ति अलंकरण' सम्मान से सम्मानित किया गया।
काशी के गौरव काशीराज डॉ. विभूतिनारायण सिंह की जन्मशताब्दी महोत्सव 2026-27 के अंतर्गत 5 नवंबर 2026 को काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थित के.एन. उडप्पा सभागार में आयोजित संस्कृति दिवस समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।
दोपहर दो बजे से आयोजित इस गरिमामय समारोह में अंबरीश सिंह भोला को उनके उत्कृष्ट कार्यों, समाजसेवा, समर्पण एवं जनहित में किए गए अमूल्य योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सम्मान के दौरान उनके सामाजिक सरोकारों और समाज के प्रति सेवा भाव की सराहना की गई। काशी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े इस प्रतिष्ठित आयोजन में यह सम्मान मिलना उनके लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।

काशीराज स्व. डॉ. विभूतिनारायण सिंह की जन्मशताब्दी के अवसर पर आयोजित इस महोत्सव का उद्देश्य काशी के गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
इसी क्रम में संस्कृति दिवस समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें समाज और संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित कर उनके कार्यों को प्रोत्साहित किया गया।
इस भव्य आयोजन का आयोजन विश्व संस्कृत प्रतिष्ठानम् की ओर से रामनगर दुर्ग, वाराणसी के तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में महाराजकुमारी विष्णुप्रिया, महाराजकुमारी कृष्णप्रिया एवं महाराजकुमारी हर्षप्रिया का मार्गदर्शन रहा।

आयोजन में महाराजकुमारी कृष्णप्रिया की अध्यक्षता, मनोज गुप्ता के आयोजन सचिव के रूप में योगदान तथा चक्रवर्ती विजय नावड़ की मुख्य कार्यक्रम संयोजक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका रही।
काशी की गौरवशाली परंपरा और सांस्कृतिक पहचान को समर्पित इस जन्मशताब्दी महोत्सव में अंबरीश सिंह भोला को मिला कीर्ति अलंकरण सम्मान समाजसेवा के प्रति उनके समर्पण को मिली महत्वपूर्ण पहचान है।
उनके सम्मानित होने पर शुभचिंतकों एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों में हर्ष का माहौल है। इस उपलब्धि को समाज के प्रति सकारात्मक योगदान और सेवा भाव को आगे बढ़ाने की प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है।
