काशी में शहीदों के सम्मान में जले आकाशदीप, 27 साल से जारी है राष्ट्रभक्ति की अनूठी परंपरा!
वाराणसी। धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में गंगा सेवा निधि की ओर से अमर वीर योद्धाओं और देश के शहीदों की स्मृति में आकाशदीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम का शुभारंभ 27 अक्टूबर 2026 को दशाश्वमेध घाट पर हुआ। वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध में भारत की विजय के बाद शुरू हुई इस विशेष पहल के 27 वर्ष पूरे होने पर संस्था ने एक बार फिर देश के वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस आयोजन के माध्यम से काशी की सदियों पुरानी आकाशदीप परंपरा को राष्ट्रभक्ति और शहीदों के सम्मान से जोड़ा गया है।
गंगा सेवा निधि द्वारा प्रत्येक वर्ष संपूर्ण कार्तिक मास में भारत के अमर वीर योद्धाओं की स्मृति में आकाशदीप प्रज्ज्वलित किए जाते हैं। इस परंपरा का समापन कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित भव्य देव दीपावली महोत्सव में होगा। इस अवसर पर शहीदों को ‘भगीरथ शौर्य सम्मान’ से सम्मानित कर नमन किया जाएगा। साथ ही शहीद परिवारों को सहायता राशि भी प्रदान की जाएगी।

कारगिल विजय के बाद राष्ट्रभक्ति से जुड़ी आकाशदीप की परंपरा
काशी में गंगा घाटों पर आकाशदीप जलाने की परंपरा सदियों पुरानी है। मान्यता है कि कार्तिक मास में अपने पूर्वजों की स्मृति में आकाशदीप प्रज्ज्वलित किए जाते हैं, ताकि उनकी स्वर्गलोक की यात्रा का मार्ग प्रकाशमय हो सके। आकाशदीप से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं में महाभारत युद्ध में प्राण न्योछावर करने वाले वीरों की स्मृति में भीष्म द्वारा कार्तिक मास में दीपमालाओं से उन्हें श्रद्धांजलि देने का उल्लेख भी मिलता है।
वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध ने गंगा सेवा निधि को इस परंपरा का विस्तार करते हुए अतीत से लेकर वर्तमान तक देश की रक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर योद्धाओं की स्मृति में आकाशदीप प्रज्ज्वलित करने की प्रेरणा दी। इसी संकल्प ने काशी की प्राचीन धार्मिक परंपरा को राष्ट्रीय गौरव और सैनिकों के प्रति सम्मान का प्रतीक बना दिया।

सीआरपीएफ, एनडीआरएफ और सेना के बलिदानियों को समर्पित होंगे आकाशदीप
इस वर्ष गंगा सेवा निधि की ओर से 95वीं बटालियन सीआरपीएफ के अमर बलिदानी शशिकांत सिंह (CT/DVR), जो सेवा के दौरान सड़क दुर्घटना में शहीद हुए, तथा 183वीं बटालियन सीआरपीएफ के बलिदानी सुनील कुमार की स्मृति में आकाशदीप प्रज्ज्वलित किए जा रहे हैं।
इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), भारतीय थल सेना, भारतीय वायु सेना, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और पुलिस बल के वीर जवानों के सम्मान में भी पूरे एक माह तक आकाशदीप जलाए जाएंगे। संस्था के संस्थापक स्मृतिशेष पंडित सत्येंद्र मिश्र की स्मृति में भी आकाशदीप प्रज्ज्वलित किए गए।

गणपति वंदना और देशभक्ति गीतों से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत गणपति वंदना और देशभक्ति गीतों के साथ हुई। इसके बाद गंगा सेवा निधि के संस्थापक स्मृतिशेष पंडित सत्येंद्र मिश्र को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। संस्था के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने अमर वीरों को नमन करते हुए कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वाराणसी नगर निगम के महापौर अशोक तिवारी उपस्थित रहे। अन्नपूर्णा मठ मंदिर, वाराणसी के महंत शंकर पुरी विशिष्ट आध्यात्मिक अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता 39 जीटीसी, वाराणसी के ब्रिगेडियर उमेश ए. परब ने की।
अति विशिष्ट अतिथियों में 95वीं बटालियन सीआरपीएफ के कमांडेंट राजेश्वर बालापुरकर, 4 एयर फोर्स सेलेक्शन बोर्ड, वाराणसी के ग्रुप कैप्टन सचित सूद तथा 11वीं बटालियन एनडीआरएफ, वाराणसी के कमांडिंग ऑफिसर अनुप सिंह विष्ट शामिल रहे।
इसके अतिरिक्त सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश ब्रह्मदेव मिश्रा, फर्म, सोसाइटीज एवं चिट्स फंड, वाराणसी के अनुप मिश्रा, ताज गंगेज वाराणसी के महाप्रबंधक सुमित सिंह देओल, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के अंचल प्रमुख टी. कामेश्वर राव और भारतीय स्टेट बैंक, कचहरी के डीजीएम कुमार आनंद सहित विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

संगीत प्रस्तुतियों के माध्यम से शहीदों को श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के सांस्कृतिक सत्र में प्रोफेसर रेवती साकलकर ने अपनी प्रस्तुति से वातावरण को भावपूर्ण बना दिया। तबले पर संगीत कुमार और हारमोनियम पर पंकज मिश्र ने संगत की। संगीत के माध्यम से देश के अमर वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्र, उपाध्यक्ष पंकज अग्रवाल, संरक्षक पंडित इंदुशेखर शर्मा, सचिव सुरजीत सिंह, हनुमान यादव, अरुण अग्रवाल और दिनेश श्रीवास्तव (एडवोकेट) सहित संस्था के सदस्य एवं ट्रस्टी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में संस्था के सचिव सुरजीत कुमार सिंह ने सभी अतिथियों, सहयोगियों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

देव दीपावली पर होगा आकाशदीप संकल्प का समापन
गंगा सेवा निधि की ओर से शुरू किया गया यह आकाशदीप संकल्प 24 नवंबर 2026 को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित देव दीपावली महोत्सव के साथ संपन्न होगा। इस दौरान देश के अमर वीर योद्धाओं को ‘भगीरथ शौर्य सम्मान’ प्रदान कर उनके बलिदान को नमन किया जाएगा। साथ ही शहीद परिवारों को सहायता राशि देकर उनके प्रति सम्मान और संवेदना व्यक्त की जाएगी।
काशी के गंगा घाटों पर एक माह तक जगमगाने वाले ये आकाशदीप केवल धार्मिक आस्था के प्रतीक नहीं, बल्कि राष्ट्र की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सपूतों के प्रति कृतज्ञता, सम्मान और अटूट राष्ट्रभक्ति का संदेश भी देंगे।
