सूरज पाल अम्मु के कथित बयान पर अधिवक्ता विष्णु स्वरूप त्रिपाठी 'योगी' की प्रतिक्रिया
वाराणसी। करणी सेना प्रमुख सूरज पाल अम्मु द्वारा बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सह-अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता पंडित श्रीनाथ त्रिपाठी को लेकर दिए गए कथित बयान के बाद इस मामले में प्रतिक्रियाओं का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में समाजसेवी एवं वरिष्ठ मंडल उपाध्यक्ष संयुक्त अधिवक्ता महासंघ विष्णु स्वरूप त्रिपाठी "योगी" ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अम्मु के बयान पर आपत्ति जताई।
विष्णु स्वरूप त्रिपाठी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को किसी विषय पर आपत्ति है तो उसे अपनी बात लोकतांत्रिक और कानूनी दायरे में रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की कथित धमकी या आपत्तिजनक भाषा उचित नहीं है और ऐसे मामलों में कार्रवाई करना कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियों का दायित्व है।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ता एवं बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सह-अध्यक्ष पंडित श्रीनाथ त्रिपाठी विधि क्षेत्र की प्रतिष्ठित हस्ती हैं और सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना सभी के लिए आवश्यक है। विष्णु स्वरूप त्रिपाठी ने यह भी कहा कि यदि किसी पक्ष को कोई शिकायत या विवाद है तो उसका समाधान कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए।
अपने बयान में उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि सार्वजनिक विवादों की रिपोर्टिंग करते समय संयम और जिम्मेदारी का परिचय दिया जाए तथा अनावश्यक विवादों को बढ़ावा देने से बचा जाए।
