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वाराणसी में ABVP की तिरंगा यात्रा, दिल्ली के विरोध-प्रदर्शन के खिलाफ की नारेबाजी

 वाराणसी में ABVP की तिरंगा यात्रा, दिल्ली के विरोध-प्रदर्शन के खिलाफ की नारेबाजी
रिपोर्ट- वंशिका सेठ  

वाराणसी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) काशी प्रांत की ओर से शनिवार, 17 अक्टूबर को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ परिसर से तिरंगा यात्रा निकाली गई। दोपहर करीब 3 बजे समाज चौराहे से शुरू हुई यह यात्रा भारत माता मंदिर और मलदहिया चौराहे से होते हुए वापस विश्वविद्यालय परिसर में समाप्त हुई। यात्रा में संगठन के कार्यकर्ताओं और विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने तिरंगा लेकर हिस्सा लिया।

 

यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने “अराजकता रोको, लोकतंत्र अपनाओ” का संदेश देने वाला बैनर लेकर नारेबाजी की। छात्रों ने दिल्ली में चल रहे ‘जेन जी अगेन’ विरोध-प्रदर्शन के खिलाफ भी अपनी आवाज उठाई। इस दौरान “जो अफजल के यार हैं, देश के गद्दार हैं” जैसे नारे भी लगाए गए।

यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने “अराजकता रोको, लोकतंत्र अपनाओ” का संदेश देने वाला बैनर लेकर नारेबाजी की। छात्रों ने दिल्ली में चल रहे ‘जेन जी अगेन’ विरोध-प्रदर्शन के खिलाफ भी अपनी आवाज उठाई। इस दौरान “जो अफजल के यार हैं, देश के गद्दार हैं” जैसे नारे भी लगाए गए।

 

राष्ट्र की एकता और विकसित भारत का संदेश

यात्रा में शामिल विद्यार्थियों ने कहा कि इसका उद्देश्य राष्ट्र की अखंडता, सामाजिक समता और युवाओं को एकजुट करने का संदेश देना है। उनका कहना था कि लोकतंत्र में विरोध और असहमति जताने का अधिकार है, लेकिन अपनी बात रखने के लिए शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीकों को अपनाया जाना चाहिए।

ABVP के प्रदेश पदाधिकारी एवं विश्वविद्यालय संयोजक आकाश प्रताप सिंह ने कहा कि देश का युवा राष्ट्रवाद, विकसित भारत और संवैधानिक संस्थाओं में विश्वास करता है। उन्होंने विरोध-प्रदर्शनों के संबंध में कहा कि किसी भी शिकायत के समाधान के लिए पहले संबंधित पुलिस चौकी, थाने या अन्य संवैधानिक संस्थाओं के माध्यम से अपनी बात रखनी चाहिए। उनके अनुसार, विरोध के दौरान आम लोगों, व्यापारियों, महिलाओं और विद्यार्थियों की दिनचर्या प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

ABVP के प्रदेश पदाधिकारी एवं विश्वविद्यालय संयोजक आकाश प्रताप सिंह ने कहा कि देश का युवा राष्ट्रवाद, विकसित भारत और संवैधानिक संस्थाओं में विश्वास करता है।

उन्होंने विरोध-प्रदर्शनों के संबंध में कहा कि किसी भी शिकायत के समाधान के लिए पहले संबंधित पुलिस चौकी, थाने या अन्य संवैधानिक संस्थाओं के माध्यम से अपनी बात रखनी चाहिए। उनके अनुसार, विरोध के दौरान आम लोगों, व्यापारियों, महिलाओं और विद्यार्थियों की दिनचर्या प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

संवैधानिक प्रक्रिया अपनाने की अपील

ABVP के प्रांत मंत्री शिवम सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात रखने और असहमति जताने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि न्याय पाने के लिए न्यायालय समेत संवैधानिक संस्थाओं का सहारा लिया जा सकता है, लेकिन उनके नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करना जरूरी है।

शिवम सिंह ने विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छात्रसंघ चुनाव विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर देते हैं और विद्यार्थी परिषद उत्तर प्रदेश में छात्रसंघ चुनावों की मांग करती रही है।

ABVP के प्रांत मंत्री शिवम सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात रखने और असहमति जताने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि न्याय पाने के लिए न्यायालय समेत संवैधानिक संस्थाओं का सहारा लिया जा सकता है, लेकिन उनके नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करना जरूरी है।

यात्रा में शामिल विद्यार्थियों ने युवाओं से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने और तोड़फोड़ जैसी गतिविधियों से दूर रहने की अपील की। ABVP कार्यकर्ताओं ने कहा कि तिरंगा यात्रा के माध्यम से वे राष्ट्रीय एकता, लोकतांत्रिक व्यवस्था और युवाओं की जिम्मेदार भागीदारी का संदेश देना चाहते हैं।

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