परिवार नियोजन के साधनों को अपनाने में महिलाएं आगे, बढ़ी जागरूकता
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महिला नसबंदी में वाराणसी, प्रदेश में टॉप पर, जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े में हुईं 1718 महिला नसबंदी। 

वाराणसी। परिवार को सीमित और खुशहाल रखने के लिए सरकार प्रत्येक स्तर पर प्रयास कर रही है। इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए जनपद में विश्व जनसंख्या दिवस (11 जुलाई) से शुरू हुये जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा सफलतापूर्वक चलाया गया।

 

 

इस पखवाड़े में जनपद वाराणसी ने प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने इस उपलब्धि के लिए स्वास्थ्य विभाग को सराहा और भविष्य में भी इसी तरह के प्रयास किए जाने की उम्मीद जताई।


 मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ संदीप चौधरी ने कहा कि समस्त सरकारी चिकित्सालयों और स्वास्थ्य केन्द्रों के प्रयास से जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा में 1718 महिला नसबंदी की गईं। इस उपलब्धि से वाराणसी ने पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है।

वहीं पिछले वर्ष पखवाड़े में 1525 महिला नसबंदी की गईं थी। इस उपलब्धि के लिए सभी ग्रामीण व शहरी सीएचएच व पीएचसी की आशा कार्यकर्ता, एएनएम सहित चिकित्साधकारियों, नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ राजेश प्रसाद, जिला कार्यक्रम प्रबन्धक संतोष सिंह, सहयोगी संस्थाओं यूपीटीएसयू के वरिष्ठ जिला परिवार नियोजन विषेषज्ञ, पीएसआई इंडिया के कार्यों की सराहना की।

अच्छे कार्य करने वाले ग्रामीण और नगर के चिकित्साधिकारियों एवं स्टाफ को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होने कहा कि समुदाय में परिवार नियोजन के साधनों को अपनाने में जागरूकता बढ़ी है।

जनपद के सभी सार्वजनिक स्थलों पर कंडोम बॉक्स लगाने के लिए विभाग प्रयासरत है, जल्द ही इसको पूरा किया जाएगा।    


    जिला कार्यक्रम प्रबन्धक (डीपीएम) संतोष सिंह ने बताया कि 11 से 31 तक जुलाई तक चलाये गए पखवाड़े के तहत चार ब्लॉक में बेहतर प्रदर्शन रहा जिसमें चोलापुर में 258, हरहुआ में 256, आदर्श ब्लॉक सेवापुरी में 211 एवं अराजीलाइन में 204 महिला नसबंदी की गयी ।

वहीं चिरईगांव में 171, पिंडरा में 142, काशी विद्यापीठ में 135 और बड़ागांव में 120 महिला नसबंदी की गईं। इसके साथ ही 24 शहरी पीएचसी के अंतर्गत 63, जिला महिला चिकित्सालय पर 74, एलबीएस चिकित्सालय रामनगर में एक और निजी चिकित्सालयों पर 77 महिला नसबंदी हुईं। 


    इसके अतिरिक्त पखवाड़े में 28 पुरुष नसबंदी भी की गईं। इसमें सबसे अधिक शहरी पीएचसी पर नौ, सेवापुरी व हरहुआ में पाँच-पाँच, चोलापुर व काशी विद्यापीठ में तीन-तीन, बड़ागांव और पिंडरा में एक-एक पुरुष नसबंदी हुई।

पिछले वर्ष पखवाड़े में 9 पुरुष नसबंदी की गईं थीं। पखवाड़े के अंतर्गत 3,104 इंटरवल आईयूसीडी, 678 पोस्टपार्टम आईयूसीडी, 41 पोस्ट अबॉरशन आईसीयूडी, 1906 अंतरा तिमाही गर्भ निरोधक इंजेक्शन, 2.34 लाख कंडोम, 25,401 छाया, 16,287 माला एन एवं 4264 आपातकालीन गर्भ निरोधक गोली की सेवाएँ दी गईं।

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