वाराणसी: स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा- हिन्दू नहीं हैं, रणबीर और आलिया, महाकाल के दर्शन से उन्हें रोकना स्वागत योग्य
 महाकाल के दर्शन से रणबीर कपूर और आलिया भट्‌ट को रोकना स्वागत योग्य

Varanasi: Swami Jitendranand Saraswati said - Ranbir and Alia are not Hindus, welcome to stop them from seeing Mahakal

फिल्म ब्रह्मास्त्र की सफलता के लिए मध्य प्रदेश के उज्जैन पहुंचे बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर और आलिया भट्ट को भगवान महाकालेश्वर का दर्शन नहीं करने दिया गया। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के विरोध की वजह से रणबीर और आलिया को उज्जैन से वापस लौटना पड़ा।

 

 

विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के इस कदम का अखिल भारतीय संत समिति ने स्वागत किया है। बुधवार को वाराणसी में अखिल भारतीय संत समिति के महासचिव स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि गोमांस भक्षी विधर्मी आलिया भट्‌ट और रणबीर कपूर को सनातन धर्मियों के मंदिर में प्रवेश करने से रोक कर बहुत अच्छा काम किया गया है।

 

 

बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता बधाई के पात्र है। हमारे मंदिरों में गैर हिंदुओं का प्रवेश अनादि काल से वर्जित है। इस नियम का कड़ाई पालन होना चाहिए। गौरतलब है कि विश्व हिंदू परिषद के नेताओं का कहना था कि रणबीर कपूर ने बीफ को लेकर विवादास्पद बयान दिया था। इसी के चलते उन्हें महाकालेश्वर मंदिर में प्रवेश से रोका गया।

                                                         स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती

हम मध्य प्रदेश सरकार को चेतावनी देते हैं

स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि कल उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में जिस तरह से रणबीर कपूर और आलिया भट्‌ट को प्रशासन जबरन घुसाने का प्रयास कर रहा था,

उसके लिए संत समाज मध्य प्रदेश सरकार को चेतावनी देता है। हमारे धार्मिक स्थल कोई पर्यटन स्थल नहीं हैं जहां पुलिस-प्रशासन किसी को भी वीआईपी के नाम पर प्रवेश कराए। हमारे धर्म स्थान पवित्र स्थल हैं। हमारे पवित्र स्थलों पर हजारों वर्षों से गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है और रहेगा।

तो संतों का आक्रोश झेलने को तैयार रहें

स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि रणबीर कपूर और आलिया भट्‌ट को महाकालेश्वर मंदिर में प्रवेश करने से रोकने वाले बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न हुआ तो ठीक नहीं होगा।

इन कार्यकर्ताओं का यदि पुलिसिया उत्पीड़न हुआ तो मध्य प्रदेश की सरकार को संतों का आक्रोश झेलने के लिए तैयार रहना होगा। सनातन धर्म की रक्षा को तत्पर रहने वालों के लिए संत समाज सड़क पर उतरने में देरी नहीं करेगा।

Share this story