वाराणसी मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने जनपद के समस्त आलाधिकारियों संग की बैठक
वाराणसी मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने जनपद के समस्त आलाधिकारियों संग की बैठक

अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होंने निर्माण परियोजनाओं में समयबद्धता एवं गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्वास्थ व शिक्षा पर पूरे मजबूती से काम करने पर जोर देते हुए कहा कि समाज के सभी व्यक्ति तक इसकी उपलब्धता सुनिश्चित हो।

वाराणसी। कमिश्नर दीपक अग्रवाल शुक्रवार को कमिश्नरी सभागार में विकास कार्यों की मंडलीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सामाजिकता में इन दोनों विभागों का बहुत बड़ा योगदान होता हैं।वर्तमान में अब तक बने आयुष्मान गोल्डन कार्ड की जानकारी व जो परिवार छूट गए हैं उनका वर्तमान में चल रहे पखवारे में तेज़ी से गोल्डन कार्ड बनवाने पर ध्यान देने की जरूरत बताया। बैठक में हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर की वर्तमान क्षमता, उनके कार्य करने के तरीके व वहां लोगों को मिल रही सुविधा का बिंदुवार समीक्षा उन्होंने किया। सभी सीएमओ को उन्होंने अच्छा काम करने वाले हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर को पुरष्कृत करने तथा जहां दिक्क्त आ रही हो उनको दूर करने को कहा। टीबी मरीजों की पहचान, विभाग द्वारा उनके गोद लेने की संख्या व् उनको मिल रहे दवा व् पुष्टाहार की भी समीक्षा की। प्रधानमंत्री के 2025 तक टीबी उन्मूलन के लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। सही जानकारी न होने पर सीएमओ गाजीपुर को चेतावनी भी दी।

 

 


सरकारी व निजी सभी अस्पतालों में फायर एक्सटिंगिसर की सख्ती से चेकिंग कराने व मॉकड्रिल करके देखने को कहा। कोई दिक्कत हो तो 15 दिन में उनको सही कर लिया जाये। विभागों में अगर संविदा की पोस्ट्स हैं, तो उनकी जानकारी शासन को दिया जाये ताकि मैनपावर की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। जन्म-मृत्यु पंजीकरण का आंकड़ा सही करने को कहा। निजी अस्पतालों को भी जन्म-मृत्यु पंजीकरण सही समय पर करने का आदेश दें। बच्चे के जन्म के 21 दिन के अंदर ग्राम विकास अधिकारी या एएनएम उनके घर जाकर उनका पंजीकरण सौपें। शिक्षा विभाग की निपुण भारत योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने विभाग से लोगों से मिलजुलकर तथा एनजीओ के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने को कहा, ताकि लर्निंग आउटकम मिल सके। विद्यालयों में नामांकन तो बढे हैं पर कम उपस्थिति को लेकर काम करने की जरूरत है। बैठक में विद्यालयों में दिव्यांग शौचालय पर भी ध्यान देने की बात हुई। कृषि विभाग के अधिकारियों को किसान सम्मान निधि में छूटे परिवारों को जल्द से जल्द जोड़ने व गलत जुड़े लोगों को हटाने तथा उनसे रिकवरी करने का निर्देश दिया। बिजली विभाग के अभियंताओ को शहंशाहपुर प्लांट में कम बिजली सप्लाई पर तत्काल प्रभाव से एक्शन लेने व ट्रिपिंग की समस्या दूर करने का निर्देश दिया। समाज कल्याण के द्वारा दी जा रही वृद्धा पेंशन व छात्रवृत्ति योजना की भी समीक्षा हुई।

 


सेतुनिगम को कार्यों में तेज़ी लाने व अंतर्देशीय परिवहन में आ रही रुकावटों को दूर करने का भी निर्देश दिया। जलनिगम को योजना के अंतर्गत बिछ रही पाइपलाइन की गुणवत्ता व बन रही पानी टंकियों की निर्माण पर क्वालिटी रिपोर्ट की नियमित समीक्षा का निर्देश दिया।
उन्होंने चन्दौली व गाजीपुर के जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि जलनिगम के द्वारा बन रहे एसटीपी प्लांट्स की भविष्य के हिसाब से एमएलडी क्षमता का अवलोकन कर ले, ताकि जौनपुर में हुई गड़बड़ी की पुनरावृत्ति न होने पाये। जौनपुर में 30 एमएलडी की क्षमता का निर्माण हुआ। जबकि वर्तमान में ही वहाँ 60 एमएलडी लगभग सप्लाई आ रही। इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। मंडी समिति में चल रहे निर्माण पर क्वालिटी रिपोर्ट व चन्दौली की मछली मंडी में अर्नेस्ट मनी कम करने की बात हुई ताकि निविदा स्वीकार हो सके। 
बैठक में जिलाधिकारी वाराणसी कौशल राज शर्मा, गाजीपुर मंगला प्रसाद सिंह, चंदौली संजीव सिंह, जौनपुर मनीष कुमार वर्मा, सभी मुख्य विकास अधिकारी व अन्य विभागीय मंडलीय अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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