बाल श्रम उन्मूलन हेतु "नया सवेरा योजना" के अन्तर्गत क्षमतावृद्धि हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न
बाल श्रम उन्मूलन हेतु "नया सवेरा योजना" के अन्तर्गत क्षमतावृद्धि हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न

बाल श्रम रेस्क्यू के उपरान्त बच्चों का फालोअप बराबर किया जाय तथा शासन द्वारा संचालित योजनाओं से लाभान्वित कर उनका पुनर्वासित कराया जाये- श्रमायुक्त

वाराणसी। श्रमायुक्त, उ0प्र0 की अध्यक्षता में शुक्रवार को बाल श्रम उन्मूलन हेतु "नया सवेरा योजना" के अन्तर्गत चिन्हित हॉट-स्पॉट (ग्राम पंचायत/शहरी वार्ड) के प्रभावशाली व्यक्तियों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की क्षमतावृद्धि हेतु एक प्रशिक्षण कार्यक्रम महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के डॉ० भगवानदास केन्द्रीय पुस्तकालय स्थित समिति कक्ष में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि श्रमायुक्त उ0प्र0 शंकुतला गौतम द्वारा दीप प्रज्जवलन कर किया गया। 


प्रशिक्षण कार्यक्रम में बाल श्रम कुरीति के बारे में अवगत कराते हुए श्रमायुक्त द्वारा बताया गया कि "चाल श्रमिक वे बालक हैं, जो स्थायी तौर पर वयस्कों के तरह जीवन जी रहे हैं, कम मजदूरी पर कई-कई घण्टे ऐसी कार्य-दशाओं में काम करते हैं, जिनसे उनका स्वास्थ्य खराब होता है तथा शारीरिक एवं मानसिक विकास रूक जाता है। आवश्यक है कि बाल श्रम रेस्क्यू के उपरान्त बच्चों का फालोअप बराबर किया जाय तथा उसे शासन द्वारा संचालित योजनाओं से लाभान्वित कर पुनर्वासित कराया जाये। जिससे बच्चे का भविष्य बेहतर हो और वह बच्चा पुनः कार्य में न लग सके। स्टेट रिसोर्स सेल श्रमायुक्त कार्यालय, कानपुर के सैय्यद रिजवान अली द्वारा बताया गया कि वालण्टियर्स एवं समाज कार्य विभाग के छात्र अपने आस-पास ध्यान रखें कि कोई बच्चा कार्य करता न पाया जाय।

रिजवाना परवीन मण्डलीय कन्सल्टेंट यूनिसेफ, निरूपमा सिंह बाल सरंक्षण अधिकारी, राजीव सिंह एन0जी0ओ0 डॉ० शम्भूनाथ शोध संस्थान आदि वक्ताओं द्वारा बाल श्रम, बाल विवाह, महिला उत्पीडन आदि विषयों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए सम्बन्धित विभागों द्वारा की जाने वाली कार्यवाहियों को बताया गया एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सम्बोधित करते हुए सम्बन्धित हेल्प लाइनों के बारे में जानकारी दी गयी तथा अपने कार्य क्षेत्र में महिलाओं को जानकारी देने की बात कही गयी। जिससे पीड़ित महिला को लाभ पहुंचे तथा किसी महिला का उत्पीड़न न हो तथा यह भी कहा गया कि यदि कहीं भी बच्चा पाया जाय तो पेन्सिल पोर्टल एवं 1098 हेल्प लाइन पर सूचना दी जाय जिससे सम्बन्धित के विरूद्ध कार्यवाही हो तथा बच्चा सुरक्षित रहे।

अपर श्रमायुक्त मधुर सिंह द्वारा बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम के अन्तर्गत जानकरी देते हुए बताया गया कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चे से कार्य लिया जाना पूर्णतः प्रतिबन्धित है एवं मण्डल में श्रम विभाग द्वारा कृत कार्यवाही की जानकारी दी गयी। मानसिंह श्रम प्रवर्तन अधिकारी जौनपुर द्वारा बाल श्रम पर विशेष प्रकाश डालते हुए सामान्यजन की भागीदारी बताते हुए कहा गया कि ऐसे प्रतिष्ठान जिन पर बाल श्रमिक कार्य करता हुआ पाया जाय तो उसकी सूचना दे तथा ऐसे प्रतिष्ठानों का बहिष्कार कर जन समान्य के सहयोग से ही बाल श्रम पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

उनके द्वारा श्रम विभाग द्वारा संचालित उ०प्र० भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित निर्माण कामगार पुत्री विवाह योजना, संत रविदास शिक्षा सहायता योजना, गम्भीर बीमारी योजना, बाल श्रमिक विद्या योजना, ई-श्रम, प्रधानमंत्री मानधन पेंशन योजना आदि योजनाओं की जानकारी दी गयी जिससे पंजीकृत निर्माण श्रमिक लाभान्वित हो सकते हैं। विशिष्ट अतिथि  अनिल चौधरी समाज कार्य विभाग महात्मा गाँधी काशीविद्यापीठ द्वारा कहा गया कि श्रम विभाग द्वारा चलायी जा रही नया सवेरा योजना में चिन्हित हॉट-स्पॉटों में बाल श्रम जैसी गम्भीर समस्या को समाज से समाप्त करने के लिए सभी लोगों/विभागों को एक साथ मिलकर कार्य करने पर बल दिया गया।


प्रशिक्षण कार्यक्रम में अध्यक्ष, सी0डब्लू०सी०, श्रम विभाग, बाल संरक्षण अधिकारी, वन स्टाप सेण्टर, ए०एच०टी०यू० विभाग के अधिकारी, चाइल्ड लाइन, एन०जी०ओ० मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान के प्रतिनिधि एवं छात्र-छात्राएं, समाज कार्य विभाग, महात्मा गाँधी काशीविद्यापीठ, वाराणसी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन शिवम त्रिपाठी एवं अमिनुद्दीन टेक्निकल रिसोर्स पर्सन द्वारा किया गया।

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