सनातन धर्म को हमेशा महसूस होगी शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की कमी
सनातन धर्म को हमेशा महसूस होगी शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की कमी

अंतरराष्ट्रीय काशी घाट वॉक विश्वविद्यालय की ओर से बुधवार को तुलसीघाट पर गंगा जल में ब्रम्हलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती को श्रद्धांजलि दी गई. शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के कटआउट के सामने लोगों ने दीपदान कर उनके कार्यों को याद किया.

ख्यात न्यूरोलॉजिस्ट प्रोफेसर विजयनाथ मिश्र ने कहा की ब्रम्हलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी हमेशा काशी के बारे में सोचे और सनातन धर्म का पताका पूरे विश्व में फहराते रहे. स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी धर्म को लेकर हमेशा बेबाक थे और वह कई बड़े आंदोलन के हिस्सा रहे. उनकी कमी हमेशा सनातन धर्म को महसूस होती रहेगी. इस दौरान वाचस्पति उपाध्याय, शैलेश, अजय कृष्ण चतुर्वेदी, शिव विश्वकर्मा सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे.

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