किसानों के आत्मनिर्भरता की वैक्सीन है जैविक खेती
किसानों के आत्मनिर्भरता की वैक्सीन है जैविक खेती

चौबेपुर। भूमण्डलीकरण के दौर मे बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण और घटते जलस्तर की समस्या को दृष्टिगत रखते हुए अब हम सभी को  सावधान रहते हुए बिष मुक्त खाद्यान्न उत्पादन के लिए जैविक खेती को अपनाना होगा।उक्त सलाह मास्टर ट्रेनर देवमणि त्रिपाठी ने शुक्रवार को मुनारी गाँव मे कृषक प्रशिक्षण मे उपस्थित किसानों को दी।


 उन्होंने कहा कि  जैविक खेती किसानों के आत्मनिर्भरता की बैक्सीन है जिसे अपनाकर किसान अपनी आमदनी को दोगुनी कर सकते हैं।


उप कृषि निदेशक अखिलेश कुमार सिंह के आदेशानुसार नमामि गंगे योजनान्तर्गत कृषक प्रशिक्षण का आयोजन कृषि विभाग व इश एग्रीटेक के संयुक्त तत्वाधान मे किया गया।

नमामि गंगे योजना के प्रोजेक्ट हेड स्वामी शरण कुशवाहा ने जैविक खेती पर विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान करते हुए किसानों को जैविक कीटनाशकों से फसल सुरक्षा के उपाय सुझाए।

इस दौरान अभिषेक पाण्डेय,विनोद कुमार पाण्डेय, बिजेद्र जंगा आदि उपस्थित रहे।

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