राष्ट्रीय पोषण माह: आंगनबाड़ी केंद्रों पर गोदभराई दिवस का आयोजन
राष्ट्रीय पोषण माह: आंगनबाड़ी केंद्रों पर गोदभराई दिवस का आयोजन

वाराणसी। राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत मंगलवार को जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर गोदभराई दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान करीब चार हजार से अधिक गर्भवती की गोदभराई की गयी। इस अवसर पर उन्हें बेहतर पोषण व स्वास्थ्य को लेकर में छोटी-छोटी बारीकियों के बारे में विशेष जानकारी दी गई। 


 जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) डीके सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत प्रतिदिन जन जागरूकता गतिविधियों और कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसी के तहत मंगलवार को करीब 3900 आंगनबाड़ी केंद्रों पर चार हजार से अधिक गर्भवती की गोदभराई की गयी। उन्होंने बताया कि गोदभराई दिवस मनाने को लेकर विभाग का उद्देश्य महिलाओं में पोषण और स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाना है। गोदभराई दिवस के माध्यम से समुदाय में यह संदेश देने का प्रयास किया जाता है कि गर्भावस्था के दौरान गर्भवती को उचित तथा संतुलित खानपान एवं दिनचर्या रखनी चाहिए। समय से आयरन और कैल्शियम की गोली लेनी चाहिए जिससे वह स्वस्थ रहें और एक स्वस्थ शिशु को जन्म दे सकें।


    ग्रामीण क्षेत्र में सेवापुरी विकासखंड के बनौली, आदमपुर तृतीय, खरगरामपुर, मुड़ादेव तृतीय, करधना, खालिसपुर, कसरायपुर, भोरकला आदि केन्द्रों पर गर्भवती की गोभराई भारतीय परंपरा के अनुसार की गयी। इसके साथ ही पौष्टिक आहार से सजी टोकरी भेंटस्वरूप दी गईं। वहीं नगरीय विकास परियोजना के अंतर्गत विरदोपुर व विनायका के सभासद द्वारा गर्भवती की गोदभराई की गई। भेलूपुर, सराय गोवर्धन वार्ड के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर भी गोदभराई दिवस मनाया गया। सेवापुरी के मुड़ादेव तृतीय आंगनबाड़ी केंद्र पर करीब आठ गर्भवती ममता (27), पुष्पा (25), काजल (21), गायत्री (24), नीलम (27), आरती (26), शांति (25) एवं किरन (22) की गोदभराई की गई।

राष्ट्रीय पोषण माह: आंगनबाड़ी केंद्रों पर गोदभराई दिवस का आयोजन

गर्भवती को पोषण टोकरी में मौसमी फल, सब्जी, चना गुड़, मूँगफली, आयरन और कैल्शियम की गोली प्रदान की गईं। इस दौरान सुपरवाइजर अंजना तिवारी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुष्पा रानी ने गर्भवती को प्रथम त्रैमास के बाद नियमित रूप से प्रतिदिन आयरन की एक गोली और कैल्शियम की दो गोली खाने की सलाह दी। इन दोनों गोली के खाने के बीच में तीन से चार घंटे के अंतराल होना चाहिए। चना और गुड़ के लाभ के बारे में बताया।

पोषण व्यंजन का प्रदर्शन किया गया और उसके महत्ता के बारे में विस्तार से बताया। समय से आंगनबाड़ी केंद्र पर आकर वजन करवाने और आशा कार्यकर्ता के साथ स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जरूरी प्रसव पूर्व जांच के लिए बताया। मातृ-शिशु सुरक्षा (एमसीपी) कार्ड पर लिखी सभी जानकारियों को पढ़कर सुनाया और खाली समय में इसको पढ़ने के कहा।


लाभार्थियों के बोल - ममता (27) ने कहा कि वह पाँच माह के गर्भ से हैं और यह उनका तीसरा बच्चा है। गोदभराई दिवस पर उन्हें समय से आयरन और कैल्शियम की गोली खाने की सलाह दी गयी। आयरन की गोली को किसी खट्टे फल के साथ खाने के लिए बताया गया। काजल (21) पाँच माह के गर्भ से हैं और यह उनका पहला बच्चा है। आंगनबाड़ी दीदी ने उन्हें नियमित प्रसव पूर्व जांच और हीमोग्लोबिन की जांच के लिए बताया। शरीर में आने वाले बदलाव और वजन बढ़ने के बारे में बताया कि गर्भावस्था के दौरान 9 से 12 किलो तक वजन बढ़ता है। इसके लिए स्वस्थ व संतुलित खानपान के साथ ज्यादा से ज्यादा खट्टे फल व विटामिन सी युक्त आहार खाने की सलाह दी।

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