बढ़ते वायु प्रदूषण से बढ़ता है स्वास्थ्य का खतरा – सीएमओ
बढ़ते वायु प्रदूषण से बढ़ता है स्वास्थ्य का खतरा – सीएमओ

वाराणसी। अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस के अंतर्गत शुक्रवार को ब्लॉक व नगर स्तरीय स्वास्थ्य केन्द्रों पर जन जागरूक गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इस दौरान लोगों को वायु प्रदूषण के कारण बढ़ते स्वास्थ्य खतरों के बारे में जागरूक किया गया।

दूसरी ओर सेवापुरी के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका इण्टरमीडिएट कालेज गोराई में आरबीएसके चिकित्साधिकारी एवं स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी द्वारा बच्चों को वायु प्रदूषण के दुष्प्रभाव एवं उससे बचने के उपाय पर वाद- विवाद प्रतियोगिता एवं निबंध प्रतियोगिता की गई। 


मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ संदीप चौधरी ने बताया कि स्वच्छ वायु में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की बढ़ती दिलचस्पी के बाद और मानव स्वास्थ्य की रक्षा के लिए वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए और प्रयास करने की आवश्यकता पर ज़ोर देने के लिए हर साल सात सितंबर को अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस मनाया जाता है। इसी के मद्देनजर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश की मिशन निदेशक अपर्णा उपाध्याय ने 7 से 10 सितंबर 2022 तक जन जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित करने के लिए दिशा-निर्देश दिये गए थे।

इस वर्ष की थीम "द एयर वी शेयर" वायु प्रदूषण की सीमा पार प्रकृति पर केंद्रित है, जिसमें सामूहिक जवाबदेही और कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। सीएमओ ने कहा कि हम सभी एक समान हवा में सांस लेते हैं, और एक वातावरण हम सभी की रक्षा और पोषण करता है। प्रदूषण एक वैश्विक समस्या है जिसका मुकाबला करने के लिए हमें मिलकर काम करना चाहिए। 

नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ एसएस कनौजिया ने बताया कि नीले आसमान के लिए स्वच्छ हवा का तीसरा अंतर्राष्ट्रीय दिवस सात सितंबर 2022 को 'द एयर वी शेयर' की थीम के तहत मनाया गया। उन्होंने कहा कि शुद्ध वायु हमारे लिए अमृत है। इसको पाने के लिए हमें अपना गगन नीला रखना होगा। अशुद्ध वातावरण से होने वाली बीमारी के बोझ में वायु प्रदूषण सबसे अधिक जिम्मेदार है।

यह दुनिया भर में मृत्यु और बीमारी के मुख्य परिहार्य कारणों में से एक है। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण कोई राष्ट्रीय सीमा को नहीं पहचानता है। इसके अलावा, यह जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता हानि, प्रदूषण के अन्य रूपों, सामाजिक और लैंगिक समानता के साथ आर्थिक विकास जैसे अन्य वैश्विक संकटों से भी गंभीरता से जुड़ी हुई है। 


यह है इतिहास - 26 नवंबर 2019 को, संयुक्त राष्ट्र (यूएन) महासभा के 74वें सत्र की दूसरी समिति ने सात सितंबर को "नीले आसमान के लिए स्वच्छ हवा का अंतर्राष्ट्रीय दिवस" के रूप में अपनाने के लिए एक प्रस्ताव अपनाया। यह संकल्प सभी स्तरों पर जन जागरूकता बढ़ाने, वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए कार्यों को बढ़ावा देने, सुविधाजनक बनाने के महत्व और तत्काल आवश्यकता पर बल देता है।

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