नियमित करें योग, रहें निरोग – सीएमओ
नियमित करें योग, रहें निरोग – सीएमओ

इस वर्ष की थीम “मानवता के लिए योग”

 
वाराणसी। योग लोगों को निरोग बनाने में मदद करता है।  यह शरीर की ताकत को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसकेसाथ ही तनाव और चिंता को कम करने में भी मददगार साबित होता है। शरीर को बीमारियों से बचाने और रोग-प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) बढ़ाने का भी काम करता है। योग के इसी महत्व को देखते हुए और जनजागरूकता फ़ैलाने के उद्देश्य से हरवर्ष 21 जून को ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ मनाया जाता है। इस वर्ष दिवस की थीम ‘योगा फॉर ह्यूमिनिटी” यानि ‘मानवता के लिए योग” निर्धारित की गई है। 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संदीप चौधरी ने कहा कि मंगलवार को आठवाँ ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जायेगा, जिसके तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा। योग दिवस के उपलक्ष्य में 21 मई से 20 जून तक जिले में ‘अमृत योग माह’ का आयोजन किया गया जिसमें चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मियों समेत करीब 22 हजार लोगों को योग के बारे में जानकारी देते हुए योगाभ्यास कराया गया। 

 जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी (डीएचईआईओ) हरिवंश यादव ने बताया कि जिले में 24 शहरी पीएचसी (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) एवंग्रामीण के 183 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर सहित कुल 207 स्वास्थ्य केन्द्रों एवं ब्लॉक पीएचसी/सीएचसी पर योग की सेवाएं दी जा रही हैं। इन स्वास्थ्य केन्द्रों में चिकित्सकों व कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) द्वारा योग सिखाया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने लोगों को सेहतमंद बनाने के लिए चिकित्सा के साथ ही योग के बारे में  भी जागरूक करने के निर्देश दिये हैं। इसके तहत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में योग की पाठशाला लगाई जा रही है।


ब्लॉक अराजीलाइन के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बसंत पट्टी सीएचओ धर्मेंद्र ने बताया कि रोजाना सुबह एक घंटे  हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में योग पाठशाला लगायी जा रही है,  जिसमें क्षेत्र के लोगों को योगाभ्यास कराया जाता है। इसमें प्रतिदिन 20 से 30 लोग योग सीखने आते हैं। उन्हें सूर्य नमस्कार, प्राणायाम, ताड़ासन, गोमुखासन, अनुलोम-विलोम, कपालभांति, सर्वांगासन आदि सिखाया जा रहा है। अभ्यास सुबह या शाम खाली पेट किया जाता है। लोग इसमें बढ-चढ़ कर हिस्सा ले रहें हैं। उन्होंने बताया कि ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ हमें योग के महत्व के प्रति जागरूक करता है। योग से मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से शरीर स्वस्थ रहता है। योग का सत्र गर्दन, कंधे, पीठ और कूल्हों में तनाव को कम करने में मदद करता है। शरीर में चुस्ती-फुर्ती आती है। योग से बीमारियां दूर होती हैं। इसकेसाथ ही शुगर, बीपी हाईपरटेंशन, डिप्रेशन आदि भी नियंत्रित रहता है। गर्भावस्था में भी योग करना लाभदायक होता है।


योग के सम्बन्ध में जरूरी बातें - 

•    मासिकधर्म के दौरान योगासन नहीं करना चाहिए।

•    प्रशिक्षित योग शिक्षक के सानिध्य में ही योग करना उत्तम रहता है।

•    योगाभ्यास के बाद पर्याप्त नींद और पौष्टिक आहार लेना आवश्यक है। 

•    योगाभ्यास करने वाले व्यक्ति को नशा नहीं करना चाहिए।

•    किसी आसन को करने से शरीर में तकलीफ हो तो प्रशिक्षक से सलाह लें।

•    योगासन किसी भी उम्र के स्त्री या पुरुष कर सकते हैं।


योग के लाभ - 

•    नियमित योगाभ्यास करने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को लाभ मिलता है।

•    योग करने वालों का रक्तचाप व हृदय गति में सुधार होता है।

•    उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी अधिक होती है।

•    योगासन से रक्त शुद्ध होता हैं, मांसपेशियों की ताकत बढ़ती है।

•    योगासन शारीरिक स्वास्थ्य के लिए वरदान  है।

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