UP Weather Update: यूपी में मौसम ने ली करवट, कई जिलों में पारा 13 डिग्री तक लुढ़का, सोमवार से फिर बदलेगा मौसम
यूपी में पारा 13 डिग्री तक गिरा, सोमवार से फिर बदलेगा मौसम
UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में बारिश और तेज हवाओं का असर लगातार देखने को मिल रहा है। बीते 24 घंटों में राजधानी Lucknow समेत तराई, पश्चिमी यूपी और बुंदेलखंड के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबिक सबसे अधिक 27 मिमी बारिश Jalaun में रिकॉर्ड की गई, जबकि Maharajganj में 23 मिमी और Jhansi में 20 मिमी बारिश हुई।
बारिश और ठंडी हवाओं के चलते प्रदेश के कई जिलों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। Hardoi, Etawah, Bareilly और Najibabad में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 10 से 13 डिग्री सेल्सियस तक नीचे पहुंच गया। नजीबाबाद में 25 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे कम अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।
सोमवार से सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, Lucknow के वरिष्ठ वैज्ञानिक Atul Kumar Singh ने बताया कि फिलहाल सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ गया है। शुक्रवार को आंधी और बारिश की कोई बड़ी चेतावनी जारी नहीं की गई है। अगले दो दिनों में बूंदाबांदी कम होने और तापमान बढ़ने के संकेत हैं।
हालांकि सोमवार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसके चलते हल्की बूंदाबांदी और मौसम में बदलाव की संभावना जताई गई है।
लखनऊ में जेठ में महसूस हुई फरवरी जैसी ठंडक
राजधानी Lucknow में गुरुवार को मौसम का मिजाज पूरे दिन बदलता रहा। सुबह तेज गरज-चमक के साथ बारिश हुई, जबकि दिन और शाम में रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही। ठंडी हवाओं और बादलों के चलते लोगों को जेठ के महीने में फरवरी जैसी ठंडक महसूस हुई।
बारिश के असर से अधिकतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस गिरकर 29.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को भी हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं, लेकिन शनिवार से तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी और उमस भरी गर्मी लौट सकती है।
मानसून से पहले बाढ़ से निपटने की तैयारी तेज
आगामी मानसून को देखते हुए प्रदेश सरकार ने बाढ़ प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में राहत आयुक्त Dr. Rishikesh Bhaskar Yashod की अध्यक्षता में बाढ़ अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 44 जिलों, 118 तहसीलों, 2500 गांवों और 5600 मजरों को बाढ़ के लिहाज से अति संवेदनशील चिन्हित किया गया है। संबंधित विभागों और राहत टीमों को सूची भेजी जा रही है।
सिंचाई विभाग को 15 जून तक सभी बाढ़ सुरक्षा कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं लोक निर्माण विभाग को तटबंधों और आश्रय स्थलों तक जाने वाली सड़कों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग को दवाओं और टीकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा पंचायती राज विभाग को नाव, नाविक और गोताखोरों का डाटा अपडेट रखने को कहा गया है।
