UP Electricity News: UP में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, UPPCL लौटाएगा ₹200 करोड़
उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं से वसूली गई अतिरिक्त राशि वापस करेगा। इस फैसले से राज्य के 5 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को फायदा मिलने की उम्मीद है।
प्रति उपभोक्ता औसतन ₹3200 की अतिरिक्त वसूली
जानकारी के मुताबिक बिजली विभाग ने स्मार्ट मीटर लगाने के नाम पर प्रति उपभोक्ता ₹6,016 वसूले थे, जबकि उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी नई कॉस्ट डाटा बुक में स्मार्ट मीटर की निर्धारित कीमत केवल ₹2,800 तय की गई। इस तरह प्रत्येक उपभोक्ता से औसतन ₹3,200 अतिरिक्त वसूले गए।
मई 2026 से शुरू होगी रिफंड प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश उपभोक्ता परिषद की शिकायत पर आयोग ने मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त वसूली गई राशि लौटाने के निर्देश दिए थे। कुल रिफंड राशि ₹200 करोड़ से अधिक बताई जा रही है। आयोग ने अप्रैल 2026 से रिफंड शुरू करने को कहा था, हालांकि प्रक्रिया में देरी के बाद अब मई 2026 से रिफंड शुरू किया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
सितंबर 2025 में उत्तर प्रदेश में नए बिजली कनेक्शनों के साथ स्मार्ट प्री-पेड मीटर अनिवार्य किए गए थे। उस समय मीटर की कोई तय कीमत नहीं थी, जिसके चलते विभाग ने मनमाने तरीके से ₹6,016 प्रति मीटर की दर से वसूली शुरू कर दी। बाद में 31 दिसंबर 2025 को नियामक आयोग ने नई दरें जारी करते हुए इसकी वास्तविक कीमत ₹2,800 निर्धारित की।
कैसे मिलेगा पैसा वापस?
फिलहाल आयोग ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि उपभोक्ताओं को रिफंड एकमुश्त मिलेगा या किस्तों में। संभावना जताई जा रही है कि यह राशि बिजली बिल में समायोजित की जा सकती है। इस बीच योगी आदित्यनाथ ने प्री-पेड स्मार्ट मीटर को पोस्ट-पेड में बदलने के निर्देश भी दिए हैं।
बिजली विभाग का कहना है कि पूरी रिफंड प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी और उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी पोर्टल और बिजली बिल के माध्यम से दी जाएगी।
