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Varanasi News: आईआईटी बीएचयू के संयुक्त तत्वाधान में तीन दिवसीय कार्यशाला एग्रीटेक भारतीय कृषि क्षेत्र को नया रूप

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Varanasi News: आई 3 फाउंडेशन जॉइंट इन्क्यूबेशन सेंटर एवं आरकेवीवाई रफ़्तार एग्रीबिजनेस इनक्यूबेटर आईआईटी बीएचयू के संयुक्त तत्वाधान में तीन दिवसीय कार्यशाला एग्रीटेक भारतीय कृषि क्षेत्र को नया रूप देने के लिए AI और LOT का उपयोग कैसे करें का समापन दिनांक 28 फरवरी 2024 को किया गया।

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इस कार्यशाला का उद्घाटन 26 फरवरी 2024 को किया गया था जिसमें आईआईटी बीएचयू और अन्य कॉलेजों के लगभग 70 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस कार्यशाला में विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा कृषि में AI और LOT का इस्तेमाल कैसे करें इसके बारे मे बताया गया। 


कार्यशाला का उद्घाटन 26 फरवरी 2024 को किया गया था जिसमे मुख्य अतिथि प्रो.  रजनेश त्यागी निदेशक आई 3 फाउंडेशन आईआईटी बीएचयू वाराणसी एवं अन्य अतिथिगण प्रो. आर. के. उपाध्याय आई 3 फाउंडेशन आईआईटी बीएचयू वाराणसी डॉ संजय सिंह समन्वयक जॉइंट इन्क्यूबेशन सेंटर आईआईटी बीएचयू वाराणसी डॉ संजय सिंह समन्वयक जॉइंट इन्क्यूबेशन सेंटर आईआईटी बीएचयू वाराणसी श्री सुभ्रजीत गुहा DGM यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया वाराणसी एवं डॉ. प्रसेनजित चनक कार्यशाला समन्वयक आईआईटी बीएचयू वाराणसी इत्यादी लोग उपस्तिथ थे।  


कार्यशाला के पहले दिन उद्घाटन के पश्चात डॉ श्याम कमल ने इंटेलिजेंट फॉर्म कॉन्सेप्ट के बारे में और कृषि विज्ञान संस्थान के प्रो राकेश सिंह ने स्ट्रक्चरल ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ़ इंडियन एग्रीकल्चर एंड बिजनेस ऑपच्यरुनिटीज के बारे में प्रतिभागियों को विस्तार पूर्वक बताया।
कार्यशाला के दूसरे दिन यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया के श्री अमित कुमार ने एग्रीकल्चर फाइनेंस के बारे में प्रतिभागियों को बताया की कैसे कृषि स्टार्टअप के लिए आसानी से यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया से फाइनेंस उपलब्ध कराया जा सकता है।

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इसी तर्ज पर डॉ अभिषेक सिंह ने RKVY RAFTAAR परियोजना के बारे में प्रतिभागियों को अवगत कराया और कृषि स्टार्टअप के लिए कैसे सरकारी अनुदान प्राप्त किया जा सकता है इसके बारे मे बताया। आईआईटी (बीएचयू) के डॉ मयंक स्वर्णकार ने साइबर सिक्यूरिटी एवं स्मार्ट एग्रीकल्चर के मूलभूत चीजों के बारे में प्रतिभागियों से अपने विचार साझा किये। कार्यशाला के दूसरे दिन के अंत में आईआईटी (बीएचयू) के संगणक अभियांत्रिकी विभाग के शोध छात्रों ने विभिन्न सेंसर और उत्पादों पर प्रतिभागियों द्वारा कार्य कराया गया।


कार्यशाला के तीसरे और आखिरी दिन डॉ पी रंजन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन वेटरनरी साइंस के बारे बताया डॉ ओम जी पांडे द्वारा RIS एसिस्टेड आईओटी नेटवर्क्स यूजिंग मशीन लर्निंग फ्रेमवर्क प्रो गुरु प्रसाद सिंह ने एग्रो एंटरप्रेन्योरशिप एवं डॉ ओ.पी.सिंह ने गोबर की खाद और फ़र्टिलाइज़र का मानव स्वस्थ्य पर प्रभाव के बारे में बताया।


कार्यशाला के अंत में आईआईटी (बीएचयू) के प्रो. विकाश कुमार दुबे, डीन R&D, प्रो गुरु प्रसाद सिंह एवं डॉ ओ.पी.सिंह जी ने प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरण किया। इस कार्यशाला के सफलतापूर्वक आयोजन के लिए सभी अतिथियों ने पूरी टीम- डॉ प्रसेनजित चनक डॉ. संजय सिंह डॉ अभिषेक सिंह श्री अतनु चक्रवर्ती सौरभ नूथन और सभी प्रतिभागियों को बधाई दी और साथ ही इस बात पर भी जोर दिया की इस तरह के कार्यशालाओं का आयोजन समय समय पर करते रहना चाहिए जिससे कृषि प्रधान देश के किसानों को तकनीक का साथ मिलता रहे। डॉ संजय सिंह एवं डॉ चनक ने सभी को बधाई और धन्यवाद ज्ञापित किया।

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