देश के भविष्य के हाथ में किताब की जगह मिला झाड़ू
देश के भविष्य के हाथ में किताब की जगह मिला झाड़ू
एमडीएम के चार्ट के अनुसार नहीं मिलता फल और दूध, हैंडपंप खराब होने पर बच्चों और रसोइयां को पानी लाने जाना पड़ता है दूर

चकिया,चन्दौली। तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत इसहुल के प्राथमिक विद्यालय है जिसमें शिक्षा विभाग के शासनादेश से जारी किया गया समय विद्यालय का 9:00 बजे से लेकर शाम 3:00 बजे तक है यह जानकारी हेड मास्टर और सभी अध्यापकों को मालूम होने के बावजूद यहां पर के हेड मास्टर सुशील कुमार तथा अन्य कुछ अध्यापक शासनादेश के द्वारा जारी किए गए नियमों का सरेआम उल्लंघन करते हुए नजर आए मुद्दे की बात यह है कि जब आसपास के ग्रामीण लोगों से इस बाबत से चर्चा की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने के लिए 6 अध्यापकों की तैनाती की गई है जिसमें से केवल दो-तीन अध्यापक को छोड़कर बाकी सभी लोग विद्यालय लेट से आते हैं समय पर कोई भी नहीं पहुंचता है।

विद्यालय में निरीक्षण के दौरान जब हेड मास्टर से बात किया गया तो उनके द्वारा बताया गया कि विद्यालय का हैंडपंप पिछले कई दिनों से खराब है और हमने प्रधान से कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन अभी तक हैंडपंप का मरम्मत नहीं हो पाया है जिससे के रसोइयों और बच्चों को पानी पीने के लिए विद्यालय से दूर जाना पड़ता हैं।

गौरतलब बात यह है कि विद्यालय के हेड मास्टर सुशील कुमार के द्वारा बताया गया कि एमडीएम चार्ट के अनुसार बच्चों को फल और दूध दीया जाना है लेकिन ग्राम पंचायत स्कूल के प्रधान ओम प्रकाश पटेल के द्वारा सुविधाएं नहीं दी जाती है जबकि सारा कार्य खुद का ही है और कहने के बाद कभी-कभार ही पहुंचाते हैं। विद्यालय के समय अनुसार को लेकर जब खंड शिक्षा अधिकारी से इस बाबत पर चर्चा की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि विद्यालय का समय सुबह 9:00 बजे से लेकर 3:00 बजे तक हो गया है अगर अध्यापक समय का पालन नहीं करते हैं तो उनके ऊपर कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह है कि मामले का उजागर होने के बाद इस पर उच्चाधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं।

Share this story