अगले साल RBI ला सकती है, इंडिया की डिजिटल करेंसी
वासुदेवन ने कहा कि CBDCs को लॉन्च करना इतना आसान नहीं है और ना ही कल से ये लोगों की आम जिंदगी का हिस्सा बन जाने वाली हैं. इसलिए इसे लॉन्च करने की कोई जल्दी नहीं है. वहीं इसे लॉन्च करने से पहले कई मुद्दों पर विचार चल रहा है जैसे कि इसकी भूमिका क्या होगी, इसे लागू कैसे किया जाएगा, इसको मान्यता देने का तरीका क्या होगा, इसका वितरण किस तरह होगा. वहीं ये थोक कारोबार के काम आएगी या इससे रिटेल लेनदेन भी हो सकेगा.

RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने डिजिटल करेंसी के खतरों को लेकर निवेशकों को आगाह किया है।  उन्होंने, फाइनेंशियल स्टेबिलिटी के लिहाज से क्रिप्टोकरेंसी को एक बहुत ही गंभीर चिंता का विषय बताया है। आपको बता दें कि RBI और शेयर बाजार रेग्युलेटर सेबी मिलकर क्रिप्टोकरेंसी के लिए नया फ्रेमवर्क तैयार कर रहे है। अगर आसान शब्दों में कहें तो निवेशकों के हितों का खयाल रखने के लिए नियमों को तैयार किया जा रहा है। 

RBI में भुगतान और निपटान विभाग में मुख्य महाप्रबंधक पी. वासुदेवन के हवाले से बिजनेस स्टैंडर्ड ने लिखा है, ‘‘अगले साल की पहली तिमाही में पॉयलट आधार पर डिजिटल करेंसी को जारी किया जा सकता है।  इसलिए इसे लेकर हम काफी बुलिश हैं। ’

कैसी होगी RBI की डिजिटल करेंसी ?

RBI अगले साल पहली तिमाही में सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDCs) लॉन्च कर सकता है।  ये डिजिटल या वर्चुअल करेंसी होंगी।  हालांकि ये भारत की मूल मुद्रा का ही डिजिटल रूप होंगी यानी कि ये डिजिटल रुपया ही होंगी। इससे पहले RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने अगले साल दिसंबर तक CBDCs के सॉफ्ट लॉन्च की संभावना जताई थी।  हालांकि इसके लिए उन्होंने किसी तरह की कोई टाइमलाइन नहीं बताई थी।

वासुदेवन ने कहा कि CBDCs को लॉन्च करना इतना आसान नहीं है और ना ही कल से ये लोगों की आम जिंदगी का हिस्सा बन जाने वाली हैं।  इसलिए इसे लॉन्च करने की कोई जल्दी नहीं है। वहीं इसे लॉन्च करने से पहले कई मुद्दों पर विचार चल रहा है जैसे कि इसकी भूमिका क्या होगी, इसे लागू कैसे किया जाएगा, इसको मान्यता देने का तरीका क्या होगा, इसका वितरण किस तरह होगा। वहीं ये थोक कारोबार के काम आएगी या इससे रिटेल लेनदेन भी हो सकेगा। 

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