एमएसपी बढ़ोतरी से किसानों की आय को मिलेगा नया बल, कृषि मंत्री ने जताया आभार
उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में की गई वृद्धि का स्वागत किया है। उन्होंने प्रदेश के समस्त किसानों की ओर से प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय किसानों की आर्थिक समृद्धि की दिशा में एक बड़ा कदम है। कृषि मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि समर्थन मूल्य में इस ऐतिहासिक बढ़ोतरी से प्रदेश के किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और उनके जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार आएगा।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2013-14 की तुलना में वर्ष 2026-27 के लिए घोषित समर्थन मूल्य में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। सामान्य श्रेणी के धान का समर्थन मूल्य अब 2,441 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है, जो वर्ष 2013-14 की तुलना में 1,131 रुपये अधिक है। इसी प्रकार ग्रेड-ए धान के मूल्य में 1,116 रुपये की वृद्धि के साथ इसे 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
मोटे अनाजों में ज्वार (हाइब्रिड) के मूल्य में वर्ष 2013-14 के मुकाबले 2,523 रुपये की वृद्धि करते हुए इसे 4,023 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। बाजरा 2,775 रुपये तथा मक्का 2,410 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। रागी के मूल्य में 3,705 रुपये की बड़ी वृद्धि के साथ अब यह 4,886 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है।
दलहन एवं तिलहन फसलों के मूल्यों में भी केंद्र सरकार द्वारा विशेष ध्यान दिया गया है। अरहर (तुअर) के मूल्य में 4,150 रुपये की वृद्धि की गई है, जिससे इसका नया मूल्य 8,450 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। मूंग 8,780 रुपये तथा उड़द 8,200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदे जाएंगे।
तिल के समर्थन मूल्य में 5,846 रुपये की रिकॉर्ड वृद्धि के साथ इसे 10,346 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। सूरजमुखी के मूल्य में 4,643 रुपये की वृद्धि की गई है, जिससे इसका नया भाव 8,343 रुपये प्रति क्विंटल होगा। सोयाबीन और मूंगफली के दाम क्रमशः 5,708 रुपये तथा 7,517 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किए गए हैं।
कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना ही नहीं, बल्कि किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना भी है।
उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि नए समर्थन मूल्यों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि प्रदेश का प्रत्येक किसान जागरूक होकर अपनी फसलों का उचित लाभ प्राप्त कर सके।
