मीरजापुर न्यायालय परिसर में परखी गई सुरक्षा व्यवस्था, वृहद मॉक ड्रिल का सफल आयोजन
मीरजापुर। न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं अभेद्य बनाए रखने के उद्देश्य से शुक्रवार को वृहद सुरक्षा मॉक ड्रिल (Mock Drill) का आयोजन किया गया। यह अभ्यास माननीय न्यायाधीश एवं न्यायालय सुरक्षा समिति के अध्यक्ष की उपस्थिति एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन में आयोजित इस मॉक ड्रिल का नेतृत्व अपर पुलिस अधीक्षक नगर, क्षेत्राधिकारी नगर तथा क्षेत्राधिकारी अभिसूचना ने किया। प्रभारी निरीक्षक (सुरक्षा प्रभारी) की देखरेख में स्थानीय पुलिस बल के साथ बम निरोधक दस्ता (BDDS), डॉग स्क्वाड और अग्निशमन विभाग की टीम ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
मॉक ड्रिल के दौरान बम निरोधक दस्ता एवं डॉग स्क्वाड द्वारा न्यायालय परिसर, वीआईपी कक्ष, न्यायालय कक्षों और संवेदनशील क्षेत्रों की सघन तलाशी ली गई। अभ्यास के दौरान संदिग्ध वस्तुओं की पहचान कर उन्हें सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया।
वहीं, अग्निशमन विभाग की टीम ने संभावित अग्निकांड जैसी आपात स्थिति से निपटने का अभ्यास किया। इस दौरान अग्निशमन उपकरणों की कार्यक्षमता का परीक्षण किया गया तथा सुरक्षित निकासी (इवैक्यूएशन) की प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान आपातकालीन अलार्म बजने पर सुरक्षा बलों की त्वरित प्रतिक्रिया (रिस्पॉन्स टाइम) का भी परीक्षण किया गया। अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया समयबद्ध और संतोषजनक रही।
इस अवसर पर न्यायालय सुरक्षा समिति के अध्यक्ष, अपर पुलिस अधीक्षक नगर, क्षेत्राधिकारी नगर, क्षेत्राधिकारी अभिसूचना सहित न्यायालय एवं पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के नियमित सुरक्षा अभ्यास का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता सुनिश्चित करना और न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना है।
