विंध्यवासिनी मंदिर की सुरक्षा पर सवाल, परिसर में मिले निजी CCTV कैमरे, प्रशासन ने हटवाए
मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध मां विंध्यवासिनी मंदिर और विंध्य कॉरिडोर परिसर में निजी तौर पर लगाए गए कैमरों का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक मंदिर परिसर में कुछ निजी CCTV कैमरे लगाए गए थे, जिनके जरिए मंदिर में आने-जाने वाले लोगों और अन्य गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। मामला सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में इन कैमरों को हटवा दिया गया।
हाई सिक्योरिटी के बावजूद लगाए गए थे निजी कैमरे
मां विंध्यवासिनी धाम में सुरक्षा के लिए पुलिस चौकी के साथ पुलिसकर्मियों की तैनाती रहती है। इसके अलावा मंदिर परिसर में हाई-रिजोल्यूशन AI कैमरे भी लगाए गए हैं। इसके बावजूद कुछ लोगों द्वारा निजी कैमरे लगाए जाने की जानकारी सामने आई।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, विंध्य कॉरिडोर के निर्माण के बाद कुछ लोगों ने परिसर में अपने स्तर से कैमरे लगवा लिए थे। बताया गया कि इन कैमरों के जरिए मंदिर में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और विभिन्न तीर्थ पुरोहितों की गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी।
विवाद के वीडियो वायरल करने की भी आशंका
मामले में यह भी सामने आया है कि मंदिर परिसर में होने वाले विवाद या मारपीट की घटनाओं से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर वायरल किए जाते थे। ऐसे में निजी कैमरों के इस्तेमाल को लेकर सुरक्षा और निजता से जुड़े सवाल भी उठने लगे हैं।
हालांकि, प्रशासन की ओर से कैमरों के इस्तेमाल को लेकर सामने आई आशंकाओं की जांच के संबंध में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

मंदिर में आते हैं कई वीआईपी
मां विंध्यवासिनी मंदिर में देश और प्रदेश के कई प्रमुख नेता, मंत्री, न्यायिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि दर्शन के लिए पहुंचते रहे हैं। गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई विशिष्ट लोगों के मंदिर पहुंचने का उल्लेख सामने आया है। ऐसे में मंदिर परिसर में अनधिकृत कैमरों की मौजूदगी सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
चेतावनी देकर छोड़े गए संबंधित लोग
विंध्य विकास परिषद के सचिव एवं सिटी मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार सिंह के अनुसार, मंदिर में निजी कैमरे लगाए गए थे, जिन्हें हटवा दिया गया है। संबंधित लोगों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
वहीं, श्रीविंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने बताया कि एक-दो लोगों द्वारा निजी कैमरे लगाए गए थे, जिन्हें शुक्रवार को जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और पंडा समाज के पदाधिकारियों की मौजूदगी में हटवा दिया गया।
अब सुरक्षा व्यवस्था पर और निगरानी
निजी कैमरों के सामने आने के बाद विंध्यवासिनी मंदिर और कॉरिडोर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की सतर्कता बढ़ना तय माना जा रहा है। मंदिर में पहले से मौजूद आधिकारिक निगरानी व्यवस्था के बीच निजी कैमरों की मौजूदगी ने अनधिकृत निगरानी को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
