मिर्जापुर में टीबी के खिलाफ बड़ा अभियान, गांव-गांव लगेंगे कैंप, अनुप्रिया पटेल ने दिए सख्त निर्देश
मिर्जापुर। क्षय रोग यानी टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए मिर्जापुर में अब गांव-गांव जागरूकता और जांच अभियान चलाया जाएगा। केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने कलेक्ट्रेट सभागार में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में चल रहे टीबी उन्मूलन अभियान की समीक्षा की और जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
बैठक के दौरान अनुप्रिया पटेल ने अधिकारियों से कहा कि गांवों में नियमित रूप से स्वास्थ्य कैंप लगाए जाएं। इन कैंपों में टीबी के लक्षण वाले लोगों की पहचान कर उनकी जांच और रजिस्ट्रेशन कराया जाए। जरूरत पड़ने पर मरीजों का तत्काल उपचार भी शुरू कराया जाए।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि टीबी को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है। गांवों में आयोजित होने वाले कैंप में ग्राम प्रधान और शहरी क्षेत्रों में सभासदों को भी शामिल किया जाए। ग्रामीणों को टीबी के लक्षण, बचाव और समय पर इलाज के महत्व की जानकारी दी जाए, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि इलाज करा रहे मरीजों को निर्धारित समय पर पोषण पोटली उपलब्ध कराई जाए और मरीज दवाओं के साथ पौष्टिक आहार का भी ध्यान रखें।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री ने 21 टीबी मरीजों को आईएमए के सहयोग से उपलब्ध कराई गई पोषण पोटली वितरित की। उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत करते हुए सरकार की ओर से उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी भी दी।
उन्होंने बताया कि टीबी मरीजों को निःशुल्क जांच और इलाज की सुविधा दी जा रही है। इलाज के दौरान मरीजों को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता भी दी जा रही है। उन्होंने मरीजों से अपील की कि इस राशि का इस्तेमाल पौष्टिक भोजन के लिए किया जाए।
अनुप्रिया पटेल ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जिले में टीबी का इलाज कर रहे निजी क्षेत्र के चिकित्सकों से संपर्क करने और मरीजों से जुड़ी जरूरी जानकारी पोर्टल पर अपडेट कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सरकारी प्रयासों के साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी भी टीबी उन्मूलन के लिए महत्वपूर्ण है।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी लोगों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि 100 दिन के अभियान के बाद भी गांवों में कैंप लगाकर टीबी के मरीजों की पहचान और उपचार का काम लगातार जारी रहना चाहिए।
उन्होंने टीबी चैम्पियन और ट्रीटमेंट सपोर्टर जैसे लोगों को अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने और बेहतर कार्य करने वालों को सम्मानित करने की बात भी कही।
इस अवसर पर जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कीर्ति कुमार मिश्रा समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, आईएमए के पदाधिकारी, पीएचसी-सीएचसी प्रभारी और क्षय विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
