मण्डलायुक्त ने कानून व्यवस्था और विकास परियोजनाओं की समीक्षा की, पांच परियोजना प्रबंधकों का वेतन रोकने के निर्देश
मीरजापुर। विन्ध्याचल मंडल में कानून व्यवस्था, सड़क सुरक्षा, राजस्व वादों, गंभीर अपराधों, विकास कार्यों और विभिन्न निर्माणाधीन एवं विलंबित परियोजनाओं की प्रगति को लेकर मंडलायुक्त राजेश प्रकाश ने शुक्रवार को पुलिस उप महानिरीक्षक पूनम के साथ समीक्षा बैठक की।
आयुक्त कार्यालय सभागार से हुई बैठक में मंडल के मीरजापुर, सोनभद्र और भदोही जिलों के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी तथा अन्य मंडलीय अधिकारियों ने जूम माध्यम से भाग लिया।
बैठक में कानून व्यवस्था, राजस्व वादों के निस्तारण, राजस्व वसूली, चकबंदी कार्य, मुख्यमंत्री अनुश्रवण प्रणाली के तहत लंबित परियोजनाओं, वन भूमि से प्रभावित परियोजनाओं और मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर विकास कार्यों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई।
राजस्व वादों और कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मंडलायुक्त ने संयुक्त निदेशक अभियोजन को निर्देश दिया कि विभिन्न न्यायालयों में पांच वर्ष या उससे अधिक समय से लंबित मुकदमों की थानावार सूची तैयार कर प्रभावी पैरवी कराई जाए। उन्होंने गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने और लंबे समय से लंबित मुकदमों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराने के निर्देश दिए।
गंभीर अपराधों के निस्तारण की खराब स्थिति पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और संयुक्त निदेशक अभियोजन को आपसी समन्वय स्थापित कर गंभीर अपराधों में प्रभावी पैरवी कराने तथा लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
सड़क सुरक्षा की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने कहा कि राज्य मार्गों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर ट्रक, बस और अन्य भारी वाहनों की अवैध पार्किंग नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी पुलिस अधीक्षकों को अपने अधीनस्थ थाना प्रभारियों के माध्यम से इस व्यवस्था को सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। दुर्घटना संभावित स्थानों और उनके आसपास पर्याप्त संख्या में परावर्तक तथा कैट आई प्रभावी ढंग से लगाए जाने को कहा।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जहां सड़क की डिजाइन में बदलाव की आवश्यकता है, ऐसे स्थानों को चिह्नित कर प्रस्ताव भेजा जाए और आवश्यक सुधार कराया जाए। विभिन्न थानों में लंबे समय से खड़े वाहनों के निस्तारण की कार्रवाई भी प्राथमिकता के आधार पर पूरी कराने के निर्देश दिए गए।
आवासीय बालक और बालिका विद्यालयों की व्यवस्था को लेकर मंडलायुक्त ने सभी जिलाधिकारियों को प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त कर साप्ताहिक निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवासीय विद्यालयों में भोजन, भोजनालय, राशन के भंडारण, साफ-सफाई और बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की नियमित जांच होनी चाहिए।
बालिका आवासीय विद्यालयों के निरीक्षण के लिए महिला अधिकारियों की टीम गठित करने के निर्देश दिए गए। इसमें महिला अधिकारी और नायब तहसीलदार स्तर की महिला अधिकारी को शामिल कर छात्रावास की साफ-सफाई, रहन-सहन और अन्य व्यवस्थाओं की गहन जांच कराने को कहा गया।
निरीक्षण के दौरान छात्राओं से सीधे संवाद कर सुविधाओं और समस्याओं के बारे में जानकारी लेने तथा विस्तृत रिपोर्ट अपर आयुक्त प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
मंडलायुक्त ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि जिला स्तर पर मुख्य विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया जाए और मुख्य विकास अधिकारी अपने स्तर से अन्य अधिकारियों को नामित कर आवासीय विद्यालयों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित कराएं।
बैठक में विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। शासन स्तर से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर मंडलायुक्त ने प्रधानमंत्री आवास योजना, विभिन्न पेंशन योजनाओं, किसान सम्मान निधि, आयुष्मान योजना, स्वच्छ भारत मिशन, कन्या सुमंगला योजना और जल जीवन मिशन में अपेक्षित सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति में तेजी लाने को कहा।
मंडलायुक्त ने मंडल की सभी विधानसभा क्षेत्रों में 31 अक्टूबर 2026 तक रोजगार मेले आयोजित कराने के निर्देश भी दिए, ताकि युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।
वन विभाग से प्रभावित और लंबित परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया कि जिन परियोजनाओं में वन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त हो चुका है, उन पर तत्काल कार्य शुरू कराया जाए। उन्होंने कहा कि अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान राजकीय निर्माण निगम की सोनभद्र इकाई के परियोजना प्रबंधक के अनुपस्थित रहने और पिछले माह से उनके कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने संयुक्त विकास आयुक्त को संबंधित परियोजना प्रबंधक के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि देने और वेतन रोकने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार कार्यों में लापरवाही बरतने और बैठक में अनुपस्थित रहने पर परियोजना प्रबंधक लैकफेड, सीएंडडीएस और सेतु निगम का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। अधिशासी अभियंता जल निगम नगरीय को भी प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ वेतन रोकने का निर्देश दिया गया।
निर्माणाधीन और विभिन्न कारणों से विलंबित परियोजनाओं की समीक्षा में सामने आया कि मीरजापुर में 23, सोनभद्र में 12 और भदोही में 10 परियोजनाएं विलंबित हैं। मंडलायुक्त ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी परियोजनाओं को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगले महीने की समीक्षा में भी परियोजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की रैंकिंग की समीक्षा के दौरान भी कई विभागों की खराब स्थिति सामने आई। मुख्यमंत्री आवास ग्रामीण योजना मीरजापुर, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन भदोही, जननी सुरक्षा योजना मीरजापुर और भदोही, जल जीवन मिशन सोनभद्र, मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना भदोही, बाल विकास एवं सेवा योजना भदोही और मीरजापुर, सेतु निर्माण सोनभद्र, सड़कों के अनुरक्षण की वित्तीय प्रगति भदोही और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना भदोही में खराब रैंकिंग मिलने पर मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को 31 अगस्त 2026 तक अपेक्षित सुधार लाने और रैंकिंग बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले महीने भी खराब प्रगति मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंडलायुक्त ने सभी जिलाधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि समीक्षा बैठकों में कार्यदायी संस्थाओं के जिम्मेदार अधिकारी स्वयं उपस्थित हों। उन्होंने स्पष्ट कहा कि संबंधित अधिकारियों की जगह अधीनस्थ कर्मचारियों या अवर अभियंताओं को बैठक में भेजने पर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी मीरजापुर पवन कुमार गंगवार, जिलाधिकारी सोनभद्र चर्चित गौड़, जिलाधिकारी भदोही शैलेष कुमार, पुलिस अधीक्षक मीरजापुर अपर्णा रजत कौशिक, पुलिस अधीक्षक सोनभद्र, पुलिस अधीक्षक भदोही, अपर आयुक्त प्रशासन राजकुमार द्विवेदी, संयुक्त विकास आयुक्त रमेश कुमार, मुख्य विकास अधिकारी मीरजापुर विशाल कुमार, अपर आयुक्त प्रतिपाल चौहान, मुख्य विकास अधिकारी सोनभद्र, मुख्य विकास अधिकारी भदोही, उप निदेशक अर्थ एवं संख्या राम नरायन यादव सहित मंडल और जनपद स्तर के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
