गंगा में डूबने से दो श्रद्धालुओं की मौत, स्नान करते वक़्त हुआ हादसा जौनपुर से दर्शन करने आए थे श्रद्धालु
गंगा में डूबने से दो श्रद्धालुओं की मौत, स्नान करते वक़्त हुआ हादसा जौनपुर से दर्शन करने आए थे श्रद्धालु।

मिर्ज़ापुर। गंगा स्नान करते समय दो श्रद्धालुओं की डूबने से मौत हो गई । प्राप्त जानकारी के मछलीशहर , जौनपुर निवासी अनुसार दिलीप तिवारी अपने परिजनों सहित माँ विन्ध्यवासिनी के दर्शन हेतु आये थे । दर्शन के पूर्व परशुराम घाट पर सपरिवार गंगास्नान कर रहे थे उसी समय उनका पुत्र ऋषि तिवारी 17 वर्ष व खुशी तिवारी 13 वर्ष गहरे पानी मे समा गए ।

 

उनको बचाने के चक्कर मे परिवार के अन्य सदस्य भी डूबने लगे । मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार कुल छह लोग डूब रहे है । मौजूद नाविकों ने चार लोगों को तुरन्त पानी के बाहर निकाल लिया।

 

कुछ देर पश्चात ऋषि तिवारी को तथा लगभग एक घण्टे पश्चात खुशी तिवारी को पानी के बाहर नाविकों ने खोजकर निकाल लिया । स्थानीयों की मदद से बारी बारी से दोनों को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य पहुँचाया गया जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया । भाई बहन की मौत से परिजनों का रोरोकर परिजनों का बुरा हाल हो गया।

पुलिस ने दोनों मृतशरीर को कब्जे में लेकर अंत्यपरीक्षण के लिए भेज दिया । विगत एक महीने में उसी स्थान पर यह दूसरी घटना घटी । जिलाप्रशासन इन घटनाओं को लेकर सवालों के घेरे में है , तो वहीं जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे है।

वर्ष में मात्र दोनों नवरात्रों के दरम्यान कुल अट्ठारह दिनों के लिए ही शासन , प्रशासन की व्यवस्थाएं सिमट कर रह जाती है। तो क्या अन्य दिनों विन्ध्य क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालु मानव श्रेणी में नही आते । प्रत्येक वर्ष लगभग दर्जनभर श्रद्धालुओं की मृत्यु गंगास्नान के समय डूबने से हो जाती है।

घटना के समय सभी मौके पर पहुँचकर पीड़ितों से मिलकर शोक संवेदना भी व्यक्त करते है। भविष्य में घटना की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए बढ़चढ़ कर बोल बचन प्रस्तुत कर सभी साहबान वापस चले जाते है। मौके पर घटनारोधी कोई उपाय नही होता और पुनः किसी अनहोनी की प्रतीक्षा में लोग बैठे रहते है। अरबों रुपये की लागत से जिनको लुभाने के लिए योजनाएं प्रगतिशील है , उन्ही श्रद्धालुओं के जीवनमूल्यों का कोई महत्व नही ।

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