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बच्चे भगवान स्वरूप निर्मल होते हैं और झूठ नहीं बोलते: सरिता रॉय
बच्चे भगवान स्वरूप निर्मल होते हैं और झूठ नहीं बोलते: सरिता रॉय

अचितपुर पुरैनी। प्रधानपति चंदन चौरसिया बाल-दिवस के अवसर पर जब बच्चों के बीच  पहुंचे तब उन्हें भी अपना बचपन याद आने लगा। बाल्य-जीवन को सर्वश्रेष्ठ बताते हुए उन्होंने कहा कि इस अवस्था में बच्चे झूठ नहीं बोलते। जो सत्य बोलता है उसके ऊपर भगवान सदैव प्रसन्न रहते है।

चंदन चौरसिया प्राथमिक विद्यालय पुरैनी स्कूल में 14 नवंबर, सोमवार को आयोजित बालमेला कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानपति चंदन चौरसिया व स्कूल टीचर संग दीपमाला कर कार्यक्रम को पूरी तरह बालमय बना दिया। 

इस अवसर पर  स्कूल टीचरों के द्वारा उपलब्ध 'प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा' पुस्तक का वितरण बच्चों में वितरण किया।

सरिता ने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा की नींव जितनी मजबूत होगी, भविष्य का जीवन उतना ही श्रेष्ठ होगा। तन्मयता पूर्वक अध्ययन कर ही विविध रूपों में परिवार, समाज और राष्ट्र की सेवा की जा सकती है।

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बाल मेला में चंदन प्रधानपति  को अपना बाल्य-काल भी याद आने लगा इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में चंदन चौरसिया प्रधानपति ने कहा कि छोटी अवस्था से संस्कार और शिक्षा का सम्यक् ज्ञान कराने से आगे चलकर जीवन उन्नत होता है।


कार्यक्रम की अध्यक्षता सरिता रॉय श्रीमती लक्ष्मी श्रीमती बिंदबाला विभा सिंह ओमप्रकाश गुप्ता रचना नीलम दिदी अनिता जी सभी स्कूल टीचर मौजुद अभिभावक तथा संभ्रांत लोग उपस्थित थे। 

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