मेरठ के चर्चित हत्याकांड में सजा पर सुनवाई, दोषियों के लिए फांसी की मांग
मेरठ। चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में बुधवार को अदालत दोषी करार दिए गए मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला की सजा पर फैसला सुनाएगी। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत में दोनों दोषियों को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया जाएगा। सौरभ की मां और भाई ने दोनों के लिए मृत्युदंड की मांग की है। सौरभ की मां ने कहा कि यदि दोषियों को फांसी की सजा नहीं मिलती है, तो वे न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगी।
अदालत ने 30 सितंबर को मुस्कान और साहिल को सौरभ की हत्या तथा साक्ष्य मिटाने के मामले में दोषी ठहराया था। अब सजा के निर्धारण को लेकर सुनवाई के बाद अदालत अपना निर्णय सुनाएगी।
सजा सुनाने से पहले दोषियों को मिलेगा अंतिम अवसर
सजा पर फैसला सुनाने से पहले अदालत दोनों दोषियों को अपना पक्ष रखने का अंतिम अवसर देगी। इसके बाद अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों पर विचार करते हुए सजा निर्धारित की जाएगी। जिला शासकीय अधिवक्ता केके चौबे के अनुसार, अभियोजन पक्ष मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग करेगा।
अदालत ने दोषसिद्धि के दौरान माना था कि मुस्कान और साहिल ने मिलकर सौरभ की हत्या की तथा शव को छिपाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया।
‘फांसी मिलने पर ही मिलेगा न्याय’, मां ने जताई उम्मीद
सौरभ की मां ने दोषियों को मृत्युदंड देने की मांग करते हुए कहा कि बेटे की हत्या करने वालों को फांसी नहीं मिली तो वे सुप्रीम कोर्ट तक न्याय की लड़ाई लड़ेंगी। परिवार का कहना है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलने पर ही उन्हें न्याय मिलने का एहसास होगा।
मामले में अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर दोनों को दोषी करार दिया था। अब सभी की निगाहें सजा पर आने वाले फैसले पर टिकी हैं।
3 मार्च 2025 को हुई थी सौरभ की हत्या
मामले के अनुसार, सौरभ राजपूत ने वर्ष 2016 में मुस्कान रस्तोगी से प्रेम विवाह किया था। वर्ष 2019 में दोनों के बीच विवाद के बाद वे अलग हो गए थे। उसी वर्ष मुस्कान ने बेटी को जन्म दिया। बाद में परिवार के हस्तक्षेप से दोनों के बीच समझौता हुआ और वे फिर साथ रहने लगे। इसके बाद सौरभ काम के सिलसिले में लंदन चला गया।
इसी दौरान मुस्कान की अपने स्कूल के सहपाठी साहिल शुक्ला से नजदीकियां बढ़ने की बात सामने आई। सौरभ 24 फरवरी 2025 को लंदन से भारत लौटा था। अभियोजन के आरोपों के मुताबिक, 3 मार्च की रात मुस्कान और साहिल ने कथित तौर पर खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर सौरभ को बेहोश किया और फिर धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में रखे गए और उसे सीमेंट से भर दिया गया।
18 मार्च को सामने आया था हत्याकांड
हत्या के बाद मुस्कान और साहिल के हिमाचल प्रदेश जाने की बात सामने आई थी। पुलिस के अनुसार, दोनों के 17 मार्च को लौटने के बाद 18 मार्च को सौरभ के छोटे भाई के घर पहुंचने पर मामले का खुलासा हुआ। घर से दुर्गंध आने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद जांच शुरू हुई और 19 मार्च को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
22 गवाहों की गवाही और फोरेंसिक साक्ष्य बने अहम आधार
मामले की जांच के बाद पुलिस ने करीब एक हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। जुलाई 2025 में मुकदमे का ट्रायल शुरू हुआ। अभियोजन पक्ष ने अदालत में 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए। जांच में चाकू, उस्तरा, सीमेंट, बालू और नीले ड्रम की खरीद से जुड़े तथ्यों के साथ घटनास्थल से मिले साक्ष्य भी पेश किए गए।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में धारदार हथियार से चोट लगने की पुष्टि होने की बात सामने आई। पुलिस और फोरेंसिक टीम के साक्ष्यों तथा गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद अदालत ने 30 सितंबर को दोनों को दोषी करार दिया था।
अब सजा पर आने वाला फैसला इस चर्चित हत्याकांड की न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण पड़ाव होगा।
