गोरखपुर: मनीष गुप्ता हत्याकांड में एक-एक लाख के इनामी आरोपी दो पुलिसकर्मी गिरफ्तार
गोरखपुर पुलिस

मनीष गुप्ता हत्याकांड में आरोपी दो पुलिसकर्मी गिरफ्तार कर लिए गए हैं. एसआईटी उनसे रामगढ़ताल थाने में पूछताछ कर रही है.

आखिरकार मनीष गुप्ता हत्याकांड के आरोपियों की पुलिस के साथ खेली जा रही लुक्काछुप्पी खत्म हो गई। आरोपित इंस्पेक्टर जेएन सिंह और दरोगा अक्षय मिश्रा को गोरखपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। और इस मामले की जांच कर रही एसआईटी को सौंप दिया। पूछताछ के बाद देररात एसआईटी ने दोनों आरोपियों को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित कुमार की कोर्ट में पेश किया। जहां कोर्ट ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि, आरोपी इंस्पेक्टर जगत नारायन सिंह और चौकी इंचार्ज अक्षय मिश्रा कोर्ट में सरेंडर करने की फिराक में मौका ढूंढ रहे थे इसलिए गोरखपुर आए थे। पर सटीक सूचना के आधार पर बांसगांव इंस्पेक्टर राणा देवेन्द्र सिंह ने देवरिया बाइपास मोड़ से दोनों को गिरफ्तार कर लिया। बाकी चार अन्य आरोपी पुलिसवालों की तलाश जारी है। इस मामले में आरोपित एक अन्य एसआई विजय यादव ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में सरेंडर की अर्जी डाली है।

पत्नी ने दर्ज कराया हत्या का मुकदमा:

 कानपुर के बर्रा निवासी प्रापर्टी डीलर मनीष गुप्ता 27 सितंबर को गोरखपुर आए थे। रामगढ़ ताल इलाके के कृष्णा पैलेस होटल में रुके थे। होटल के कमरे में चेकिंग करने पहुंचे पुलिसवालों की पिटाई से मनीष की मौत हो गई थी। मनीष की पत्नी मीनाक्षी ने पुलिसवालों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।

जेल के नेहरु बैरक में कैद: 

सतर्कता बरतते हुए पुलिस ने रामगढ़ताल थाने पर ही इंस्पेक्टर जेएन सिंह और एसआई अक्षय मिश्र का मेडिकल करवाया।। कोर्ट के आदेश के बाद दोनों आरोपियों को देर रात करीब एक बजे जेल लाया गया, जहां नेहरु बैरक में रखा गया है।

अपनी बात पर अडिग हैं दोनों आरोपी:

 बताया जा रहा है कि, दोनों आरोपियों से पूछताछ की गई पर इंस्पेक्टर जेएन सिंह और चौकी इंचार्ज रहे अक्षय मिश्रा ने कहाकि मनीष गुप्ता ने ज्यादा पी रखी थी। नशे की हालत में ही उसे चोट आई और अस्पताल ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गई थी।

कोर्ट में सरेंडर की फिराक में थे दोनों आरोपी:

 गोरखपुर एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने कहाकि, इंस्पेक्टर जेएन सिंह और एसआई अक्षय मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों कोर्ट में सरेंडर की फिराक में थे। दोनों को एसआईटी को सौंप दिया गया है। आगे की कार्रवाई एसआईटी करेगी।

GKP police

कानपुर के रियल एस्टेट कारोबारी मनीष गुप्ता की गोरखपुर में पुलिस पिटाई में हत्या की विभागीय जांच में सभी आरोपी पुलिसकर्मी दोषी मिले हैं. पुलिसकर्मियों पर अनुशासनहीनता का आरोप भी लगे हैं. जांच में पता चला है कि सारे आरोपी पुलिसकर्मियों ने अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश की. उन्होंने अधिकारियों के निर्देशों के पालन में लापरवाही भी की है. मनीष गुप्ता केस में एक वीडियो भी गुरुवार को सामने आया. वीडियो में दिखाई दिया कि मनीष का शरीर बेसुध पड़ा है. उसे पुलिस उठाकर ले जा रही है.

बता दें, 28 सितंबर को कृष्णा पैलेस थाना रामगढ़ताल अंतर्गत प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता की हत्या के मामले में पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 391/20202 धारा 302 भादवि बनाम जगत नारायण सिंह आदि 6 अभियुक्त के विरुद्ध पंजीकृत किया गया था. अभियोग पंजीकृत होने के बाद सभी अभियुक्त फरार चल रहे थे.इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह अमेठी के थाना मुसाफिर खाना के नारा का रहने वाला है. वहीं, अक्षय कुमार मिश्रा बलिया जिले के नरही थाना क्षेत्र अंतर्गत कोट मंझरिया का रहने वाला है.

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