बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जनपद जौनपुर के दो शिक्षक राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हुए ।
 वाराणसी। अंतरराष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर केंद्र सरकार के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान  के अंतर्गत राष्ट्रीय सम्मान द्वारा जौनपुर के 2 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव व सिकरारा विकास खण्ड के प्राथमिक विद्यालय लखेसर के सहायक अध्यपक शिवम सिंह को राष्ट्रीय संयोजक बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ डॉ राजेंद्र फड़के द्वारा सम्मानित किया गया शिक्षक सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार मिशन शक्ति व केंद्र के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव ने नारी सम्मान, सुरक्षा एवं स्वावलंबन हेतु सफल प्रयास किये जिससे कई महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए हैं। छात्राओं व महिलाओं में सामाजिक व मानसिक मजबूती हेतु उठाये गए कदम इन्हें विषम परिस्थितियों में भी डटकर सामना करने की प्रेरणा देती हैं। इन्होंने वर्तमान कुलपति प्रो. निर्मला एस मौर्य के निर्देशन में कई गाँवों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सफल प्रयास किया। वहीं बच्चों में बुनियादी शिक्षा व नवाचार की अलख जगा रहे शिक्षक शिवम सिंह ने लखेसर गांव में ग्राम प्रधान निशा तिवारी के साथ मिलकर बालिका शिक्षा पर जागरूकता अभियान चलाया और इसी कढ़ी में एक बेटी व माँ को समाज में सम्मान दिलाने हेतु खपरहां के शिक्षकों के साथ मिलकर "हमार बिटिया हमार मान" नामक फ़िल्म बना डाली। शिक्षक शिवम सिंह ने इस फ़िल्म में छात्रों में न केवल अभिनय कौशल का विकास किया बल्कि ये भी बच्चों में विश्वास डाले की बदलाव या नाम रोशन करने के लिए किसी उम्र का इंतज़ार नही किया जाता। विद्यालय व ग्रामवासी, बच्चों के लिए कुछ नया व अलग करने के लिए सदैव ततपर रहते हैं।vdfg

वाराणसी। अंतरराष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर केंद्र सरकार के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान  के अंतर्गत राष्ट्रीय सम्मान द्वारा जौनपुर के 2 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव व सिकरारा विकास खण्ड के प्राथमिक विद्यालय लखेसर के सहायक अध्यपक शिवम सिंह को राष्ट्रीय संयोजक बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ डॉ राजेंद्र फड़के द्वारा सम्मानित किया गया शिक्षक सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया।

 वाराणसी। अंतरराष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर केंद्र सरकार के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान  के अंतर्गत राष्ट्रीय सम्मान द्वारा जौनपुर के 2 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव व सिकरारा विकास खण्ड के प्राथमिक विद्यालय लखेसर के सहायक अध्यपक शिवम सिंह को राष्ट्रीय संयोजक बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ डॉ राजेंद्र फड़के द्वारा सम्मानित किया गया शिक्षक सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार मिशन शक्ति व केंद्र के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव ने नारी सम्मान, सुरक्षा एवं स्वावलंबन हेतु सफल प्रयास किये जिससे कई महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए हैं। छात्राओं व महिलाओं में सामाजिक व मानसिक मजबूती हेतु उठाये गए कदम इन्हें विषम परिस्थितियों में भी डटकर सामना करने की प्रेरणा देती हैं। इन्होंने वर्तमान कुलपति प्रो. निर्मला एस मौर्य के निर्देशन में कई गाँवों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सफल प्रयास किया। वहीं बच्चों में बुनियादी शिक्षा व नवाचार की अलख जगा रहे शिक्षक शिवम सिंह ने लखेसर गांव में ग्राम प्रधान निशा तिवारी के साथ मिलकर बालिका शिक्षा पर जागरूकता अभियान चलाया और इसी कढ़ी में एक बेटी व माँ को समाज में सम्मान दिलाने हेतु खपरहां के शिक्षकों के साथ मिलकर

उत्तर प्रदेश सरकार मिशन शक्ति व केंद्र के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव ने नारी सम्मान, सुरक्षा एवं स्वावलंबन हेतु सफल प्रयास किये जिससे कई महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए हैं। छात्राओं व महिलाओं में सामाजिक व मानसिक मजबूती हेतु उठाये गए कदम इन्हें विषम परिस्थितियों में भी डटकर सामना करने की प्रेरणा देती हैं। इन्होंने वर्तमान कुलपति प्रो. निर्मला एस मौर्य के निर्देशन में कई गाँवों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सफल प्रयास किया।

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वहीं बच्चों में बुनियादी शिक्षा व नवाचार की अलख जगा रहे शिक्षक शिवम सिंह ने लखेसर गांव में ग्राम प्रधान निशा तिवारी के साथ मिलकर बालिका शिक्षा पर जागरूकता अभियान चलाया और इसी कढ़ी में एक बेटी व माँ को समाज में सम्मान दिलाने हेतु खपरहां के शिक्षकों के साथ मिलकर "हमार बिटिया हमार मान" नामक फ़िल्म बना डाली। शिक्षक शिवम सिंह ने इस फ़िल्म में छात्रों में न केवल अभिनय कौशल का विकास किया बल्कि ये भी बच्चों में विश्वास डाले की बदलाव या नाम रोशन करने के लिए किसी उम्र का इंतज़ार नही किया जाता। विद्यालय व ग्रामवासी, बच्चों के लिए कुछ नया व अलग करने के लिए सदैव ततपर रहते हैं।

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