देव दीवाली अपडेट: सड़क से घाट तक चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेंगे पुलिसकर्मी, गंगा में भ्रमण करती रहेगी क्यूआरटी
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वाराणसी। देव दीपावली पर वाराणसी शहर की सुरक्षा अभेद्य होगी। गंगा घाट किनारे के होटल, लॉज, गेस्ट हाउस और रेस्टोरेंट को पुलिस ने खंगालना शुरू कर दिया है। अस्सी घाट से लेकर राजघाट तक चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। गंगा में कमान जल पुलिस और एनडीआरएफ संभालेगी तो वहीं बाहर सड़क से लेकर घाटों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी। गंगा घाटों और भीड़भाड़ वाले स्थानों की निगरानी ड्रोन कैमरे से की जाएगी। उस दिन गंगा में बाहरी नावों को भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे पुलिस लाइन में फोर्स को ब्रीफ करेंगे।  

देव दीपावली के नोडल अधिकारी बनाए गए अपर पुलिस आयुक्त अपराध व मुख्यालय सुभाष चंद्र दुबे ने अभेद्य सुरक्षा का खाका खींचा है। भीड़ को देखते हुए गंगा घाटों पर अतिरिक्त पुलिस बल और चार प्लाटून पीएसी की तैनाती रहेगी। कमिश्नरेट के सभी एसीपी को संबंधित सर्किल में पड़ने वाले होटलों, लॉज और गेस्ट हाउस आदि की सघन जांच थानेदारों संग कर रहे हैं। संबंधित सर्किल के एसीपी और थानेदार भी फोर्स संग भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर बने रहेंगे। 

वाराणसी पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बुधवार शाम कैंप कार्यालय में देव दीपावली से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए विभिन्न बिंदुओं पर दिशा निर्देशित किया गया। बैठक के दौरान अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय को निर्देशित किया कि एनडीआएफ के संग समन्वय स्थापित करते हुए पर्याप्त नाव और सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं और रिवर पेट्रोलिंग पार्टी लगाई जाए। गोताखोर व रिवर रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए क्यूआरटी का गठन किया जाए।

नाविकों को नोटिस जारी करते हुए सख्त हिदायत दें कि क्षमता से अधिक यात्रियों को न बैठाएं और सुरक्षा उपकरण नाव में मौजूद रहे। इसकी निगरानी भी सुनिश्चित करा लें। अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था अनिल कुमार सिंह को निर्देशित किया कि आटो रिक्शा व ई-रिक्शा यूनियन पदाधिकारियों संग बैठक करते हुए रूट का निर्धारण और संचालन का समय तय किया जाए।

बता दे की गंगा घाटों पर भीड़ की निगरानी ड्रोन कैमरे से की जाएगी। मंगलवार को भेलूपुर स्थित एक होटल में अपर पुलिस आयुक्त अपराध व मुख्यालय सुभाष चंद्र दुबे की अध्यक्षता में पुलिस, प्रशासन और नाविक, गोताखोरों के साथ हुई बैठक में सभी की जिम्मेदारी तय की गईं। वहीं देव दीपावली के दिन शहर में उमड़ने वाली हजारों और लाख की भीड़ को देखते हुए डायवर्जन लागू किया गया है। 


अपर पुलिस आयुक्त अपराध व मुख्यालय ने निर्देशित किया कि सभी नाविक अपनी नाव में सुरक्षा के सभी संसाधन रखेंगे और भार क्षमता का डिस्प्ले करेंगे। कोई भी नाविक मादक पदार्थ का सेवन करके नाव संचालित नहीं करेगा। बैठक के दौरान नाविकों ने बताया कि एनडीआरएफ द्वारा स्टीमर तेज गति से चलाए जाने से पानी की ऊंची-ऊंची लहरें उठती हैं, इस पर एनडीआरएफ को निर्देशित किया गया कि स्टीमर सामान्य गति से चलाएं।

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