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चंदौली के अदसड़ गांव की बदली तस्वीर, विकास कार्यों से ग्रामीणों को मिली नई पहचान

चंदौली के बरहनी ब्लॉक स्थित अदसड़ गांव में 2014 के बाद तेजी से विकास कार्य हुए हैं। सड़क, बिजली, आवास, पेंशन और आयुष्मान योजना से ग्रामीणों को बड़ा लाभ मिला है।

चंदौली। जनपद के बरहनी विकास खंड अंतर्गत अदसड़ ग्राम सभा, जो कभी पिछड़े गांवों में गिना जाता था, आज विकास की नई मिसाल बनता दिखाई दे रहा है। यूपी-बिहार सीमा के करीब स्थित इस गांव में बीते कुछ वर्षों के दौरान सड़क, बिजली, आवास और सरकारी योजनाओं के जरिए तेजी से बदलाव देखने को मिला है।

 चंदौली के बरहनी ब्लॉक स्थित अदसड़ गांव में 2014 के बाद तेजी से विकास कार्य हुए हैं। सड़क, बिजली, आवास, पेंशन और आयुष्मान योजना से ग्रामीणों को बड़ा लाभ मिला है।

ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2014 से पहले गांव में विकास कार्य लगभग नगण्य थे। गांव तक पहुंचने के लिए मुख्य सड़क की भी समुचित व्यवस्था नहीं थी। कंदवा से होते हुए ककरैत तक जाने वाला मार्ग ही यूपी और बिहार के लोगों के आवागमन का प्रमुख रास्ता था। लेकिन अब गांव की तस्वीर तेजी से बदल चुकी है।

करीब पांच हजार की आबादी वाले अदसड़ गांव में अधिकांश लोग कृषि और मजदूरी पर निर्भर हैं। ग्राम सभा की साक्षरता दर लगभग 66 प्रतिशत बताई जा रही है। गांव में ठाकुर समाज की आबादी सबसे अधिक है, जबकि दलित और अहीर बिरादरी भी बड़ी संख्या में निवास करती है।

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वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव में महिला सीट आरक्षित होने पर किरण सिंह ग्राम प्रधान चुनी गईं। ग्राम सभा का वार्षिक बजट लगभग 16 लाख रुपये बताया जा रहा है, जो पांच वर्षों में करीब 90 लाख रुपये तक पहुंचता है।

गांव में विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी तेजी से पहुंचा है। लगभग 60 लोगों को विधवा पेंशन, 209 लोगों को वृद्धा पेंशन तथा कई वनवासी परिवारों को मुख्यमंत्री आवास एवं विकलांग आवास योजना का लाभ मिला है। आयुष्मान भारत योजना के तहत करीब 160 लाभार्थियों को सुविधा प्रदान की गई है, जबकि राशन योजना के अंतर्गत सैकड़ों परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।

 

ग्राम प्रधान प्रतिनिधि नीरज सिंह ने बताया कि उनके कार्यकाल में गांव में सड़क, स्ट्रीट लाइट और बिजली व्यवस्था में बड़े स्तर पर सुधार कराया गया। सांसद महेंद्र नाथ पांडेय के सहयोग से ककरैत-अदसड़ मार्ग का निर्माण कराया गया। इसके अलावा मनरेगा योजना के तहत सड़क निर्माण और नहर सफाई जैसे कार्य भी कराए गए हैं।

 

ग्रामीण राजू रतन सिंह उर्फ पिंटू ने बताया कि पहले अदसड़ गांव को पिछड़े गांव के रूप में जाना जाता था, लेकिन पिछले साढ़े चार वर्षों में यहां तेजी से विकास हुआ है। हरिजन बस्ती, वनवासी बस्ती और गुप्ता बस्ती समेत कई इलाकों में आरसीसी सड़क बनने से लोगों को काफी राहत मिली है।

ग्रामीणों का कहना है कि अब गांव में बुनियादी सुविधाएं बेहतर हुई हैं और विकास कार्यों से लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार आया है।

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