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प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात में उठे चंदौली के किसानों के मुआवजे का मुद्दा, दस्तावेजों के साथ रखी दो बड़ी मांगें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात में चंदौली के किसानों को उचित मुआवजा दिलाने और थियोसोफिकल सोसायटी की संपत्तियों में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग उठाई गई। दस्तावेजी साक्ष्य भी सौंपे गए।

नई दिल्ली/चंदौली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान जनहित से जुड़े दो महत्वपूर्ण मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। इस दौरान इंडियन सेक्शन ऑफ द थियोसोफिकल सोसायटी की संपत्तियों में कथित अनियमितताओं और चंदौली के किसानों को भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा दिलाने की मांग से संबंधित दस्तावेज प्रधानमंत्री को सौंपे गए।

 

मुलाकात में पहला मुद्दा इंडियन सेक्शन ऑफ द थियोसोफिकल सोसायटी की संपत्तियों में कथित हेराफेरी और कुछ लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाने से जुड़ा रहा।

 

इस संबंध में दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।

दूसरे मुद्दे में जनपद चंदौली के किसानों की भूमि का उचित मूल्य दिलाने की मांग उठाई गई। प्रधानमंत्री को बताया गया कि जिले में जमीन का सर्किल रेट अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम होने के कारण भूमि अधिग्रहण के समय किसानों को उनकी जमीन का न्यायसंगत मुआवजा नहीं मिल पाता।

इस स्थिति को देखते हुए चंदौली के सर्किल रेट में बढ़ोतरी की मांग की गई, ताकि किसानों को उनकी भूमि का वास्तविक मूल्य मिल सके।

मुलाकात के दौरान कहा गया कि किसानों के अधिकारों की रक्षा और उन्हें आर्थिक न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि सर्किल रेट बढ़ाया जाता है तो भविष्य में भूमि अधिग्रहण के मामलों में किसानों को अधिक उचित मुआवजा मिलेगा।

साथ ही यह भी कहा गया कि जनहित से जुड़े इन दोनों मुद्दों पर आगे भी लगातार आवाज उठाई जाएगी और संबंधित मामलों में निष्पक्ष जांच व आवश्यक कार्रवाई की मांग जारी रहेगी।

 

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