चंदौली में उठी स्व. रामविलास पासवान को 'भारत रत्न' देने की मांग, राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन
चंदौली। सामाजिक न्याय पीडीए कमेटी चंदौली ने पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ दलित नेता स्वर्गीय रामविलास पासवान को मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित किए जाने की मांग उठाई है। इस संबंध में कमेटी ने राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर केंद्र सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की अपील की।
जिला संयोजक दिलीप पासवान के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि स्व. रामविलास पासवान ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में दलित, शोषित, पिछड़े और वंचित वर्गों के अधिकारों की मजबूती से आवाज उठाई। सामाजिक न्याय, समान अवसर और गरीबों के उत्थान के लिए उनके योगदान को देश हमेशा याद रखेगा।
ज्ञापन में कहा गया कि रामविलास पासवान ने विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों की जिम्मेदारी निभाते हुए जनहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए और समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए उल्लेखनीय कार्य किए। उनके योगदान को देखते हुए उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए।
कमेटी ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि 5 जुलाई, स्व. रामविलास पासवान की जयंती के अवसर पर करोड़ों समर्थकों और देशवासियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
सामाजिक न्याय पीडीए कमेटी ने विश्वास जताया कि सरकार उनके सामाजिक और राजनीतिक योगदान का सम्मान करते हुए उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से अलंकृत करने पर गंभीरता से विचार करेगी।
