चंदौली में 2 नवंबर से शुरू होगी धान खरीद, जिले में बनाए गए 147 क्रय केंद्र
चंदौली। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत जिले में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान खरीद की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। किसानों की उपज की सरकारी खरीद के लिए जिले में कुल 147 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर आगामी 2 नवंबर से धान खरीद की प्रक्रिया शुरू होगी। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के अनुमोदन के बाद क्रय केंद्रों का निर्धारण किया गया है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि किसानों की सुविधा और उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
धान क्रय केंद्रों पर खरीद का समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है। जिले के नौ विकास खंडों में अलग-अलग संख्या में केंद्र बनाए गए हैं। इनमें बरहनी में सर्वाधिक 32 केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा चकिया में 23, चंदौली सदर में 22, सकलडीहा में 18, धानापुर में 15, शहाबगंज में 13, चहनियां में 11, नियामताबाद में सात और नौगढ़ में छह क्रय केंद्र बनाए गए हैं। ये केंद्र खाद्य विभाग, पीसीएफ, पीसीयू, यूपीएसएस, भारतीय खाद्य निगम और मंडी समिति के माध्यम से संचालित होंगे।
इस वर्ष धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2441 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त सफाई और छनाई पर होने वाले खर्च के मद में 20 रुपये प्रति क्विंटल की धनराशि भी किसानों को दी जाएगी। इस प्रकार निर्धारित शर्तों के अनुसार किसानों को कुल 2461 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान मिलेगा।
इस बार धान खरीद प्रक्रिया में फार्मर रजिस्ट्री को विशेष महत्व दिया गया है। किसानों से मुख्य रूप से फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर धान की खरीद की जाएगी। जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री अभी तक नहीं हुई है, उन्हें खाद्य विभाग के पोर्टल **fcs.up.gov.in** पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने की सलाह दी गई है। वहीं, जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री में कृषि भूमि के सभी गाटे दर्ज नहीं हैं, उन्हें समय रहते संबंधित विवरण जुड़वाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि धान बिक्री के समय किसी तरह की परेशानी न हो।
प्रशासन के अनुसार धान खरीद 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर की जाएगी। किसान अपने नजदीकी क्रय केंद्र पर पहुंचकर फार्मर रजिस्ट्री अथवा पंजीकरण से संबंधित विवरण उपलब्ध कराते हुए धान बिक्री के लिए अपना क्रम दर्ज करा सकते हैं। एक नवंबर को रविवार का अवकाश होने के कारण यह प्रक्रिया भी 2 नवंबर से शुरू होगी।
धान खरीद व्यवस्था की निगरानी और सुचारू संचालन के लिए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को जिला खरीद अधिकारी नामित किया गया है। प्रशासन ने सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को किसानों के साथ सहयोगात्मक व्यवहार करने और खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। किसी भी केंद्र पर अनियमितता या लापरवाही मिलने पर संबंधित केंद्र प्रभारी के साथ संस्था के जिला प्रबंधक की जवाबदेही भी तय की जाएगी और उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे समय रहते फार्मर रजिस्ट्री और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर लें तथा धान बिक्री के लिए अपने नजदीकी क्रय केंद्र से संपर्क करें।
