चंदौली में UPI पेमेंट पर MDR शुल्क के प्रस्ताव का विरोध, व्यापारियों ने DM को सौंपा ज्ञापन
चंदौली। डिजिटल पेमेंट यानी UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR (Merchant Discount Rate) शुल्क लगाए जाने के प्रस्ताव को लेकर व्यापारियों में नाराजगी सामने आई है। चंदौली में व्यापारिक संगठनों ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए शुल्क वापस लेने की मांग उठाई है। व्यापारियों ने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
चंदौली में व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष लक्ष्मीकांत अग्रहरि के नेतृत्व में व्यापारियों और संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से UPI भुगतान पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत MDR शुल्क को वापस लेने की मांग की गई।
व्यापारियों ने 15 अक्टूबर से भुगतान पर शुल्क काटे जाने के दावे को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि इस तरह का शुल्क लागू होने से व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।
प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर जताया विरोध
व्यापारिक संगठनों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने की मांग की गई है। व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान आज कारोबार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। ऐसे में UPI ट्रांजैक्शन पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क लगाने से छोटे दुकानदारों और व्यापारियों पर असर पड़ने की आशंका है।
शुल्क वापस लेने की मांग
लक्ष्मीकांत अग्रहरि सहित संगठन के पदाधिकारियों ने व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित शुल्क वापस लेने की मांग की है। इस मुद्दे पर व्यापारिक संगठनों ने अपनी आपत्ति प्रशासन के सामने रखी है।
इस मामले में 0.4 प्रतिशत MDR शुल्क लागू होने और 15 अक्टूबर से कटौती शुरू होने के दावे की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है। फिलहाल, व्यापारियों ने ज्ञापन के जरिए अपनी मांग संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई है।
