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चन्दौली दिशा बैठक में मीडिया की नो-एंट्री, आखिर क्यों? चर्चाएं तेज

चंदौली की दिशा बैठक पर उठे पारदर्शिता के सवाल, विकास की चर्चा या बंद कमरे की रणनीति?

चंदौली। जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को सांसद बीरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक जारी है। बैठक में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा की जा रही है, लेकिन इस बार बैठक से अधिक चर्चा मीडिया की एंट्री पर रोक को लेकर हो रही है।

दिशा समिति की बैठक जिले के विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति और विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली की समीक्षा के लिए आयोजित की जाती है। ऐसे में आम जनता तक बैठक की महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाने वाले मीडिया प्रतिनिधियों को बैठक से दूर रखने के फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।


 

सूत्रों के अनुसार बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और समिति के सदस्य मौजूद हैं। वहीं कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की गई है। मीडिया कर्मियों को सभागार के भीतर प्रवेश नहीं दिए जाने को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।

राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठ रहा है कि जब बैठक का विषय जिले का विकास और जनहित से जुड़े मुद्दे हैं, तो पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मीडिया को शामिल क्यों नहीं किया गया। इस मुद्दे पर प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से भी कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

चर्चा यह भी है कि पिछली दिशा बैठक में विभिन्न मुद्दों पर हुई तीखी बहस और विवाद के बाद इस बार सभी पक्ष अधिक सतर्क दिखाई दे रहे हैं। हालांकि बैठक को गोपनीय रखने के पीछे वास्तविक कारण क्या है, इसको लेकर आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी गई है।

फिलहाल दिशा समिति की बैठक जारी है और सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बैठक से निकलने वाले फैसले जिले के विकास को किस दिशा में आगे बढ़ाएंगे। वहीं मीडिया की अनुपस्थिति को लेकर उठे सवाल भी राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बने हुए हैं।

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